जयपुर में अवैध कॉलोनियों का खेल लगातार बढ़ता जा रहा है। खासकर आगरा रोड इलाका इस मामले में सबसे आगे निकलकर सामने आया है, जहां कृषि भूमि को सस्ते में खरीदकर महंगे दामों पर भूखंड बेचे जा रहे हैं। देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट।
जयपुर का आगरा रोड इलाका इन दिनों अवैध कॉलोनियों के लिए हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। हाल ही में जेडीए क्षेत्र में शामिल किए गए बस्सी तहसील के दूधली गांव में तेजी से अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं।
इसी गांव में “शिवम गार्डन” के नाम से एक बड़ी अवैध कॉलोनी बसाई जा रही है। यह कॉलोनी खसरा नंबर 10, 11, 12, 13, 15, 21, 21/1, 50, 54 और 55 की भूमि पर विकसित की जा रही है।
चौंकाने वाली बात यह है कि यह कॉलोनी बिना भूमि रूपांतरण और बिना जेडीए से लेआउट प्लान की मंजूरी के बसाई जा रही है। मौके पर चारदीवारी और सड़कों का निर्माण तेजी से जारी है, जबकि प्लॉट्स की बुकिंग भी धड़ल्ले से हो रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, भू-कारोबारियों ने यह जमीन 25 से 30 लाख रुपए प्रति बीघा में खरीदी थी, जिसे अब 12 से 14 हजार रुपए प्रति वर्ग गज के हिसाब से बेचा जा रहा है।
आरोप यह भी है कि कॉलोनी बसाने के लिए गैर मुमकिन रास्तों और तलाई की जमीन पर भी कब्जा किया जा रहा है। लेआउट प्लान में 30 और 40 फीट चौड़ी सड़कें दिखाई गई हैं, जबकि विभिन्न आकार के भूखंड—60, 70, 84, 88, 100 और 111 वर्ग गज—बेचे जा रहे हैं।
मुख्य आगरा रोड से सीधी पहुंच के लिए सड़क निर्माण का काम भी तेजी से चल रहा है, लेकिन जेडीए की प्रवर्तन शाखा की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ रही, यह बड़ा सवाल है।
प्रदेश की टाउनशिप नीति के अनुसार, किसी भी कॉलोनी को बसाने से पहले भूमि रूपांतरण और जेडीए से लेआउट प्लान की मंजूरी जरूरी होती है। साथ ही भूखंड और सुविधाओं के लिए 60:40 का अनुपात रखना अनिवार्य है।
लेकिन इस कॉलोनी में नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज कर पूरी जमीन को बेचने की कोशिश की जा रही है, जहां सुविधा क्षेत्र के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी गई।
अब सवाल यह है कि जेडीए और संबंधित विभाग इस अवैध कॉलोनी पर कब कार्रवाई करेंगे, या फिर यूं ही नियमों की अनदेखी होती रहेगी। फिलहाल के लिए इतना ही, कैमरा पर्सन के साथ [रिपोर्टर का नाम], जयपुर।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.