उत्तर प्रदेश: के मुरादाबाद जिले से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग हिंदू छात्रा को कथित तौर पर जबरन बुर्का पहनाने का आरोप लगाया गया है। यह घटना 20 दिसंबर की बताई जा रही है, लेकिन इसका CCTV वीडियो 23 जनवरी को सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। पुलिस ने पीड़िता के भाई की शिकायत पर पांच नाबालिग छात्राओं के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला मुरादाबाद के बिलारी कस्बे के मोहल्ला शाहकुंज कॉलोनी का है। आरोप है कि कोचिंग से लौटते समय पांच मुस्लिम छात्राओं ने हिंदू छात्रा को रास्ते में घेर लिया और बैग से बुर्का निकालकर उसे पहनने के लिए कहा। वीडियो में दिख रहा है कि छात्राएं आपस में बातचीत करते हुए बीच सड़क पर छात्रा को बुर्का पहनाती नजर आ रही हैं।
पीड़िता के भाई ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उसकी नाबालिग बहन 11वीं कक्षा से इन छात्राओं के संपर्क में थी। सभी एक ही स्कूल में 12वीं में पढ़ती हैं और साथ में कोचिंग भी जाती थीं। भाई का दावा है कि छात्राओं ने उसकी बहन का धीरे-धीरे ब्रेनवॉश करना शुरू किया और उसे इस्लाम धर्म अपनाने के लिए उकसाती रहीं।
उसका आरोप है कि छात्रा से कहा गया कि इस्लाम कबूल करने से उसकी किस्मत बदल जाएगी और वह ज्यादा खूबसूरत लगेगी। परिवार के मना करने के बावजूद वह उन्हीं छात्राओं के साथ उठना-बैठना जारी रखे हुए थी।
शिकायत के मुताबिक, 20 दिसंबर को कोचिंग से निकलने के बाद रास्ते में छात्रा को बुर्का पहनाया गया। CCTV फुटेज में यह भी दिखता है कि छात्राएं आसपास नजर रखती हैं कि कोई आता-जाता न देख ले। किसी के आने पर वे आगे बढ़ जाती हैं। बाद में यह वीडियो सामने आया, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच तेज की।
पीड़िता के भाई का कहना है कि शुरुआत में बहन ने घटना के बारे में कुछ नहीं बताया। ट्यूशन टीचर से जानकारी मिलने के बाद परिवार को शक हुआ। पूछताछ करने पर धीरे-धीरे पूरी बात सामने आई, जिसके बाद 22 जनवरी को थाने में FIR दर्ज कराई गई।
घटना सामने आने के बाद कुछ हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताई है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि स्कूल और कोचिंग संस्थानों को किसी भी तरह के कथित धर्मांतरण के प्रभाव से दूर रखा जाना चाहिए।
एसपी ग्रामीण कुंवर आकाश ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सभी आरोपी नाबालिग हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो उन्हें जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। कानून के तहत अधिकतम 5 साल की सजा और 15 हजार रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार 7 साल से कम सजा वाले मामलों में गिरफ्तारी को लेकर विशेष नियम लागू होते हैं।
मुरादाबाद का यह मामला बेहद संवेदनशील है, जिसमें नाबालिग छात्राओं, धर्म और जबरन दबाव जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और CCTV फुटेज को अहम सबूत माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला जबरदस्ती का है या किसी अन्य परिस्थिति से जुड़ा हुआ। प्रशासन ने सभी से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
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