नई दिल्ली: के भारत मंडपम में आयोजित ‘AI Impact Summit 2026’ के पहले दिन भारी भीड़ और अव्यवस्था देखने को मिली। 16 फरवरी को शुरू हुए इस ग्लोबल टेक इवेंट में देश-विदेश से हजारों स्टार्टअप फाउंडर्स, टेक एक्सपर्ट्स और डेलीगेट्स पहुंचे। लेकिन एंट्री मैनेजमेंट, सुरक्षा जांच और इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्याओं ने पूरे आयोजन पर सवाल खड़े कर दिए।
बताया जा रहा है कि पहले ही दिन 70 हजार से ज्यादा लोग कार्यक्रम में पहुंचे, जिससे एंट्री गेट्स पर लंबी कतारें लग गईं। कई प्रतिनिधियों को घंटों तक बाहर इंतजार करना पड़ा।
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 17 फरवरी को बयान जारी कर कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी AI समिट है और पहले दिन अप्रत्याशित भीड़ उमड़ी। उन्होंने माना कि कुछ लोगों को असुविधा हुई और इसके लिए सरकार माफी मांगती है।
मंत्री ने बताया कि अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक ‘वॉर रूम’ बनाया गया है, जहां से पूरे आयोजन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। उनका दावा है कि अब व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गई हैं।
समिट में शामिल स्टार्टअप ‘नियो सेपियन’ के CEO धनंजय यादव ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले सुरक्षा जांच के नाम पर एग्जिबिटर्स को उनके स्टॉल से बाहर कर दिया गया। इसी दौरान उनके AI वियरेबल्स और अन्य कीमती गैजेट्स चोरी हो गए।
कई अन्य एग्जिबिटर्स ने भी सुरक्षा घेरे और VIP मूवमेंट के दौरान स्टॉल्स खाली कराए जाने पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जिन लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर स्टॉल बुक किए, उन्हें ही बाहर खड़ा कर दिया गया।
इवेंट में शामिल कई फाउंडर्स ने खराब वाई-फाई और मोबाइल नेटवर्क को लेकर शिकायत की। रिस्किल के फाउंडर पुनीत जैन और एंटरप्रेन्योर प्रियांशु रत्नाकर ने कहा कि टेक इवेंट में इंटरनेट की समस्या बेहद शर्मनाक है।
कई स्टार्टअप्स के लाइव डेमो कनेक्टिविटी फेल होने के कारण प्रभावित हुए। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में भी बार-बार तकनीकी दिक्कतें आईं।
समिट में हुई अव्यवस्था पर कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के चलते मेन हॉल खाली कराया गया और एग्जिबिटर्स को उनके पेड स्टॉल्स से बाहर किया गया।
कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि:
सिक्योरिटी लैप्स के कारण प्रोडक्ट्स चोरी हुए
इंटरनेट फेल होने से डेमो खराब हुए
एंट्री के लिए घंटों लाइन लगानी पड़ी
लैपटॉप, बैग और कैमरा जैसे जरूरी सामान पर रोक थी
पेमेंट मोड सीमित होने से कई एग्जिबिटर्स को परेशानी हुई
पार्टी ने इसे देश की वैश्विक छवि से जोड़ते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को ‘AI Impact Summit 2026’ का औपचारिक उद्घाटन किया। यह इवेंट 20 फरवरी तक चलेगा। यहां आयोजित AI एक्सपो में दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस पेश किए हैं।
समिट में गूगल के CEO सुंदर पिचाई और OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन जैसे वैश्विक टेक लीडर्स के शामिल होने की भी जानकारी है। इवेंट का उद्देश्य AI को खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग में लागू करने के व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत करना है।
70,000+ प्रतिभागी पहले दिन
ग्लोबल AI एक्सपो
स्टार्टअप पिचिंग और डेमो
नीति-निर्माताओं और टेक दिग्गजों की मौजूदगी
भारत को AI हब बनाने पर फोकस
हालांकि, पहले दिन की अव्यवस्था ने आयोजन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘AI Impact Summit 2026’ के पहले दिन भारी भीड़ और अव्यवस्था देखने को मिली। 16 फरवरी को शुरू हुए इस ग्लोबल टेक इवेंट में देश-विदेश से हजारों स्टार्टअप फाउंडर्स, टेक एक्सपर्ट्स और डेलीगेट्स पहुंचे। लेकिन एंट्री मैनेजमेंट, सुरक्षा जांच और इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्याओं ने पूरे आयोजन पर सवाल खड़े कर दिए।
बताया जा रहा है कि पहले ही दिन 70 हजार से ज्यादा लोग कार्यक्रम में पहुंचे, जिससे एंट्री गेट्स पर लंबी कतारें लग गईं। कई प्रतिनिधियों को घंटों तक बाहर इंतजार करना पड़ा।
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 17 फरवरी को बयान जारी कर कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी AI समिट है और पहले दिन अप्रत्याशित भीड़ उमड़ी। उन्होंने माना कि कुछ लोगों को असुविधा हुई और इसके लिए सरकार माफी मांगती है।
मंत्री ने बताया कि अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक ‘वॉर रूम’ बनाया गया है, जहां से पूरे आयोजन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। उनका दावा है कि अब व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गई हैं।
समिट में शामिल स्टार्टअप ‘नियो सेपियन’ के CEO धनंजय यादव ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले सुरक्षा जांच के नाम पर एग्जिबिटर्स को उनके स्टॉल से बाहर कर दिया गया। इसी दौरान उनके AI वियरेबल्स और अन्य कीमती गैजेट्स चोरी हो गए।
कई अन्य एग्जिबिटर्स ने भी सुरक्षा घेरे और VIP मूवमेंट के दौरान स्टॉल्स खाली कराए जाने पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जिन लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर स्टॉल बुक किए, उन्हें ही बाहर खड़ा कर दिया गया।
इवेंट में शामिल कई फाउंडर्स ने खराब वाई-फाई और मोबाइल नेटवर्क को लेकर शिकायत की। रिस्किल के फाउंडर पुनीत जैन और एंटरप्रेन्योर प्रियांशु रत्नाकर ने कहा कि टेक इवेंट में इंटरनेट की समस्या बेहद शर्मनाक है।
कई स्टार्टअप्स के लाइव डेमो कनेक्टिविटी फेल होने के कारण प्रभावित हुए। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में भी बार-बार तकनीकी दिक्कतें आईं।
समिट में हुई अव्यवस्था पर कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के चलते मेन हॉल खाली कराया गया और एग्जिबिटर्स को उनके पेड स्टॉल्स से बाहर किया गया।
कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि:
सिक्योरिटी लैप्स के कारण प्रोडक्ट्स चोरी हुए
इंटरनेट फेल होने से डेमो खराब हुए
एंट्री के लिए घंटों लाइन लगानी पड़ी
लैपटॉप, बैग और कैमरा जैसे जरूरी सामान पर रोक थी
पेमेंट मोड सीमित होने से कई एग्जिबिटर्स को परेशानी हुई
पार्टी ने इसे देश की वैश्विक छवि से जोड़ते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को ‘AI Impact Summit 2026’ का औपचारिक उद्घाटन किया। यह इवेंट 20 फरवरी तक चलेगा। यहां आयोजित AI एक्सपो में दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस पेश किए हैं।
समिट में गूगल के CEO सुंदर पिचाई और OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन जैसे वैश्विक टेक लीडर्स के शामिल होने की भी जानकारी है। इवेंट का उद्देश्य AI को खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग में लागू करने के व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत करना है।
70,000+ प्रतिभागी पहले दिन
ग्लोबल AI एक्सपो
स्टार्टअप पिचिंग और डेमो
नीति-निर्माताओं और टेक दिग्गजों की मौजूदगी
भारत को AI हब बनाने पर फोकस
हालांकि, पहले दिन की अव्यवस्था ने आयोजन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
AI Impact Summit 2026 जैसे वैश्विक स्तर के कार्यक्रम से देश की तकनीकी क्षमता और प्रबंधन कौशल की झलक मिलती है। लेकिन पहले दिन की भीड़, सुरक्षा प्रबंधन की खामियां और तकनीकी दिक्कतों ने आयोजकों को बैकफुट पर ला दिया। आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव की माफी और ‘वॉर रूम’ की व्यवस्था से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में हालात बेहतर होंगे।
अब देखना होगा कि क्या यह समिट अपने उद्देश्य—भारत को वैश्विक AI लीडर के रूप में स्थापित करने—में सफल हो पाता है या नहीं।
AI Impact Summit 2026 जैसे वैश्विक स्तर के कार्यक्रम से देश की तकनीकी क्षमता और प्रबंधन कौशल की झलक मिलती है। लेकिन पहले दिन की भीड़, सुरक्षा प्रबंधन की खामियां और तकनीकी दिक्कतों ने आयोजकों को बैकफुट पर ला दिया। आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव की माफी और ‘वॉर रूम’ की व्यवस्था से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में हालात बेहतर होंगे।
अब देखना होगा कि क्या यह समिट अपने उद्देश्य—भारत को वैश्विक AI लीडर के रूप में स्थापित करने—में सफल हो पाता है या नहीं।
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