US–Venezuela तनाव पर भारत की चिंता: बोले– हालात चिंताजनक, बातचीत से निकले समाधान

नई दिल्ली: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव और वहां जारी राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर भारत ने गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि भारत वेनेजुएला की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और वहां के लोगों की सुरक्षा व भलाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि वेनेजुएला में हालिया राजनीतिक और सुरक्षा घटनाक्रम चिंताजनक हैं। मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि मौजूदा मुद्दों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से संवाद और कूटनीति के माध्यम से किया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।

बयान में कहा गया,
“भारत का मानना है कि किसी भी तरह की हिंसा या टकराव से हालात और बिगड़ सकते हैं। शांति और संवाद ही स्थायी समाधान का रास्ता है।”


भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर जोर

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि काराकास स्थित भारतीय दूतावास वेनेजुएला में रह रहे भारतीय नागरिकों के लगातार संपर्क में है। जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। मंत्रालय ने यह भी कहा कि सरकार वहां की बदलती स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है।


वेनेजुएला को लेकर भारत की ट्रैवल एडवाइजरी

गौरतलब है कि भारत ने शनिवार रात वेनेजुएला की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की थी। यह परामर्श अमेरिकी कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़े जाने से जुड़े घटनाक्रम के मद्देनजर जारी किया गया।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नागरिकों को वेनेजुएला की सभी गैर-जरूरी यात्राओं से सख्ती से बचना चाहिए। जो भारतीय नागरिक किसी कारणवश वेनेजुएला में मौजूद हैं, उन्हें अत्यधिक सतर्क रहने, अपनी आवाजाही सीमित रखने और काराकास स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।


चीन ने भी जताई आपत्ति

इस घटनाक्रम पर चीन ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को जबरन हिरासत में लेकर देश से बाहर ले जाना अंतरराष्ट्रीय कानून, अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी सिद्धांतों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन है।

चीन ने अमेरिका से मांग की कि वह राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करे, उन्हें तत्काल रिहा करे और वेनेजुएला की सरकार को गिराने की कोशिशें बंद करे। चीन ने यह भी कहा कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए किया जाना चाहिए।


निष्कर्ष:

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। भारत ने जहां शांति, स्थिरता और संवाद पर जोर दिया है, वहीं चीन ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

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