महाराष्ट्र: में नगर निगम चुनाव के दौरान सामने आए स्याही विवाद ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) समेत राज्य के 29 नगर निगमों में मतदान के बाद उंगली पर लगाई जाने वाली स्याही के कथित रूप से मिटने के दावों को लेकर अब मामला राष्ट्रीय स्तर की राजनीति तक पहुंच गया है। इस विवाद पर अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को निशाने पर लिया है।
एक ओर जहां महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों की मतगणना में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को शुरुआती रुझानों में बढ़त मिलती दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कुछ अखबारों की कटिंग को भी पोस्ट किया। इन खबरों में गुरुवार को मतदान के दौरान वोट डालने के बाद मतदाताओं की उंगली पर लगाई गई स्याही के आसानी से मिटने के दावों का जिक्र था।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा कि चुनाव आयोग द्वारा जनता को भ्रमित करना लोकतंत्र में भरोसे की गिरावट का कारण बन रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वोट चोरी लोकतंत्र के खिलाफ ही नहीं, बल्कि देशविरोधी कृत्य है। राहुल गांधी के इस बयान के बाद स्याही विवाद ने और तूल पकड़ लिया है।
यह पूरा मामला गुरुवार को महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव के मतदान के दिन सामने आया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका समेत 29 नगर निगमों में मतदान के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और दावे वायरल हुए, जिनमें यह कहा गया कि मतदाताओं की उंगली पर लगाई गई इंडेलिबल इंक आसानी से मिटाई जा सकती है। इससे फर्जी मतदान और दोबारा वोट डालने की आशंका जताई गई।
सबसे पहले इस मुद्दे को महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय शिरसाट ने उठाया। उन्होंने दावा किया कि स्याही के आसानी से मिटने से चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
मामला सामने आने के बाद महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी किया। आयोग ने कहा कि मतदाता की उंगली पर लगाई जाने वाली इंडेलिबल इंक को मिटाने का प्रयास करना या इस तरह का भ्रम फैलाना चुनावी गड़बड़ी की श्रेणी में आता है।
राज्य चुनाव आयोग ने मतदाताओं और सभी राजनीतिक दलों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन करना गंभीर अपराध है और किसी भी परिस्थिति में दोबारा मतदान की अनुमति नहीं दी जाएगी। आयोग ने यह भी कहा कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निगरानी में रही है।
बीएमसी चुनाव के दौरान सामने आया स्याही विवाद अब सिर्फ तकनीकी मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शिता पर बहस का केंद्र बन गया है। राहुल गांधी के तीखे बयान से राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है। ऐसे समय में जब महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों के नतीजे सामने आ रहे हैं, यह विवाद चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के बीच विश्वास की खाई को और गहरा करता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति और तेज होने की संभावना है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.