कोलकाता: समेत पूरे देश की नजरें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर टिक गई हैं। इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने बड़ा दांव खेलते हुए राज्य की लगभग सभी 294 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है।
हालांकि, पार्टी ने 3 सीटें सहयोगी दल को छोड़ दी हैं। दार्जिलिंग पहाड़ी क्षेत्र की इन सीटों पर अनित थापा के नेतृत्व वाली पार्टी चुनाव लड़ेगी।
सबसे बड़ा मुकाबला भबानीपुर सीट पर देखने को मिलेगा, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव मैदान में उतरेंगी।
उनके सामने भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता सुवेंदु अधिकारी होंगे।
यह मुकाबला राज्य की राजनीति का सबसे हाई-प्रोफाइल और निर्णायक मुकाबला माना जा रहा है।
नंदीग्राम सीट पर भी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा। तृणमूल कांग्रेस ने यहां से पबित्र कर को उम्मीदवार बनाया है।
नंदीग्राम पहले भी बंगाल की राजनीति का केंद्र रहा है और इस बार भी यह सीट चुनावी रणनीति में अहम भूमिका निभाएगी।
भारतीय जनता पार्टी ने भी पश्चिम बंगाल में 144 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है।
पार्टी राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है।
दोनों प्रमुख दलों के बीच सीधी टक्कर से चुनावी माहौल बेहद गर्म हो गया है।
चुनाव आयोग ने चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही प्रशासनिक सख्ती भी शुरू कर दी है।
पश्चिम बंगाल में पहले ही कई अधिकारियों के तबादले किए जा चुके हैं।
इसी क्रम में केरल में भी 2 IPS और 3 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है, जिससे साफ है कि आयोग निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।

इस बार पश्चिम बंगाल के अलावा असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी विधानसभा चुनाव होने हैं।
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा – 23 और 29 अप्रैल
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग
असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान
सभी राज्यों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे
यह चुनाव राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी बेहद अहम माने जा रहे हैं।
चुनाव के मद्देनजर आयकर विभाग ने असम में 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है।
इसका उद्देश्य चुनाव के दौरान काले धन के उपयोग पर निगरानी रखना और उसे रोकना है।
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 19 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के तबादले भी किए हैं।
इसमें दो एडीजी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा कई जिलों के एसपी और पुलिस कमिश्नर भी बदले गए हैं।
यह कदम निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
इस बीच ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है।
वहीं, भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आयोग निष्पक्ष तरीके से काम कर रहा है।
राज्य में जैसे-जैसे मतदान की तारीखें नजदीक आ रही हैं, राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं।
रैलियां, रोड शो और जनसभाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं।
अब यह देखना होगा कि जनता किसे अपना समर्थन देती है और सत्ता की चाबी किसके हाथ में जाती है।
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