देशभर: में जारी LPG सिलेंडर की किल्लत के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्यों को 10% अतिरिक्त LPG कोटा देने का प्रस्ताव दिया है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई चेन पर असर पड़ा है।
इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ करीब 2 घंटे लंबी बैठक की। यह बैठक संसद भवन में हुई, जिसमें कच्चे तेल और गैस की उपलब्धता, आयात और संभावित संकट से निपटने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
पेट्रोलियम मंत्रालय की अधिकारी सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में घरेलू LPG उत्पादन में 40% तक की वृद्धि हुई है, लेकिन इसके बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम बेहतर हुआ है और अब लगभग 93% बुकिंग ऑनलाइन हो रही है, लेकिन डिस्ट्रीब्यूटर केंद्रों पर अभी भी लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे LPG एजेंसियों पर भीड़ लगाने से बचें और केवल आधिकारिक ऐप या वेबसाइट के माध्यम से ही सिलेंडर बुक करें। साथ ही अफवाहों पर ध्यान न देने की भी सलाह दी गई है।
सरकार ने एक और अहम सुझाव देते हुए कहा है कि जिन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहां लोगों को LPG की बजाय PNG अपनानी चाहिए। इससे LPG पर दबाव कम होगा और सप्लाई बेहतर तरीके से मैनेज की जा सकेगी।
मौजूदा संकट की सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में उत्पन्न तनाव है। यह जलमार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और भारत के कुल LPG आयात का 80-85% इसी रास्ते से आता है। हालिया भू-राजनीतिक घटनाओं के चलते यह मार्ग लगभग बाधित हो गया है, जिससे वैश्विक सप्लाई प्रभावित हुई है।
हालांकि, सरकार का दावा है कि देश में फिलहाल तेल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) की भी समीक्षा की गई है और जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग किया जा सकता है।
इसी बीच, सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी पर भी सख्ती बढ़ा दी है। हाल ही में देशभर में 2300 से ज्यादा गैस एजेंसियों पर छापेमारी की गई, ताकि अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, देश के 15 राज्यों में कमर्शियल LPG की सप्लाई लगातार जारी है और पिछले चार दिनों में करीब 7200 टन गैस की आपूर्ति की गई है। इसके अलावा, पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल (ATF) की उपलब्धता भी सामान्य बनी हुई है और उनकी कीमतों में फिलहाल कोई वृद्धि नहीं की गई है।
शिपिंग मंत्रालय ने भी जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों में विभिन्न पोर्ट्स पर फंसे 25 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया गया है। इसके साथ ही विशाखापट्टनम पोर्ट पर अतिरिक्त स्टोरेज की व्यवस्था भी की गई है, ताकि गैस और तेल के स्टॉक को सुरक्षित रखा जा सके।
LPG संकट के बीच e-KYC को लेकर भी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। कई लोगों को लगा कि अगर उन्होंने e-KYC नहीं कराया तो उनका गैस कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कोई नया नियम नहीं है और केवल उन्हीं उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक है जिनका वेरिफिकेशन अभी तक नहीं हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति जल्द सामान्य नहीं होती, तो आने वाले दिनों में सप्लाई पर और दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, सरकार की सक्रियता और रणनीतिक कदमों से फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है।
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