जयपुर: राजस्थान दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान’ का शुभारंभ किया। इस पहल को उन्होंने केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि विकास को जन आंदोलन का रूप देने की बड़ी पहल बताया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अभियान की आधिकारिक वेबसाइट और वीडियो का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान ‘विकसित राजस्थान 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें हर गांव और शहरी वार्ड के लिए स्थानीय जरूरतों और आकांक्षाओं के अनुरूप विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक जनभागीदारी जरूरी है। उन्होंने आह्वान किया कि गांवों से लेकर शहरों के वार्डों तक आमजन को इस अभियान से जोड़ा जाए, ताकि विकास योजनाएं वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बन सकें।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में सुधार का व्यापक माध्यम बनेगा।
यह अभियान 19 मार्च से शुरू होकर 15 मई तक संचालित किया जाएगा। इसके तहत 20 मार्च को पहली ग्राम सभा और वार्ड सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें आमजन को अभियान की जानकारी दी जाएगी और उनके सुझाव लिए जाएंगे।
इसके बाद चरणबद्ध तरीके से विभिन्न ग्राम सभाएं और वार्ड सभाएं आयोजित कर स्थानीय स्तर पर डेटा एकत्र किया जाएगा, जिसके आधार पर विकास का मास्टर प्लान तैयार होगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव और वार्ड की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रोफाइल तैयार की जाए। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे किसानों, युवाओं और महिलाओं से सीधे संवाद कर उनकी जरूरतों और सुझावों को योजना में शामिल करें।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाना इस अभियान की प्राथमिकता होगी। इसके लिए स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक कौशल और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रोसेसिंग यूनिट, मंडियों और वैल्यू एडिशन पर ध्यान देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, जिससे शहरों की ओर पलायन को रोका जा सकेगा।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि इस अभियान के तहत तैयार किए जाने वाले मास्टर प्लान डायनामिक होंगे, जिनमें अल्पकाल (2030), मध्यकाल (2035) और दीर्घकाल (2047) के लक्ष्य शामिल होंगे।
इसके साथ ही प्रत्येक गांव और वार्ड के लिए GIS आधारित बेस मैप और डेटा प्रोफाइल तैयार किए जाएंगे, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन सटीक और प्रभावी तरीके से किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं के चलते प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय पहली बार 2 लाख रुपए से अधिक हो गई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने अब तक सवा लाख युवाओं को रोजगार दिया है और 16 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत सशक्त बनाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप राजस्थान सरकार भी ‘विकसित राजस्थान 2047’ के लक्ष्य पर काम कर रही है। यह अभियान उसी दिशा में एक ठोस कदम है, जो स्थानीय स्तर पर विकास को नई गति देगा।
इस अभियान के क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग और शहरी क्षेत्रों में स्वायत्त शासन विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा।
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