जयपुर में MLA को थमाया गंदे पानी का गिलास, महिलाओं का गुस्सा फूटा—“हम यही पी रहे हैं, आप भी पीजिए”

जयपुर: के सुशीलपुरा इलाके में गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर लोगों का गुस्सा आखिरकार सड़कों पर फूट पड़ा। पिछले एक महीने से दूषित पानी की समस्या झेल रहे स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया और मौके पर पहुंचे विधायक गोपाल शर्मा को गंदे पानी का गिलास थमाकर अपनी परेशानी का एहसास कराया।

मंगलवार को जब विधायक गोपाल शर्मा को इलाके में जल संकट और गंदे पानी की शिकायत मिली, तो वे हालात का जायजा लेने पहुंचे। लेकिन वहां का दृश्य देखकर वे खुद भी हैरान रह गए। महिलाओं ने उन्हें घेर लिया और साफ शब्दों में कहा कि वे पिछले एक महीने से गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं।

स्थिति की गंभीरता दिखाने के लिए एक युवक ने नल से आ रहे गंदे पानी को गिलास में भरकर विधायक को दे दिया। महिलाओं ने कहा—“हम यही पानी पी रहे हैं, आप भी पीजिए।” विधायक ने पानी को सूंघा जरूर, लेकिन पीने से बचते नजर आए। इस घटना ने इलाके की बदहाल जल व्यवस्था की पोल खोल दी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गली में चलना भी मुश्किल हो गया है। पानी में बदबू और गंदगी इतनी ज्यादा है कि बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत खराब हो रही है। कई बच्चों को उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत के चलते पास की डिस्पेंसरी में इलाज कराना पड़ा।

इस पूरे मामले में एक और अहम पहलू सामने आया है। बुधवार को पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने हालात का जायजा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में बिना जरूरत के सड़क निर्माण के नाम पर पुरानी सीमेंट सड़क को तोड़ दिया गया, जिससे सीवरेज और पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई।

खाचरियावास के अनुसार, रात के समय विरोध के बावजूद सड़क तोड़ी गई, जिससे सीवरेज लाइन का गंदा पानी पेयजल पाइपलाइन में मिल गया। यही वजह है कि लोगों के घरों में दूषित पानी पहुंच रहा है। उन्होंने इस मामले को सरकार की लापरवाही और जनता के पैसे की बर्बादी बताया।

उन्होंने जलदाय विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि जब तक पाइपलाइन की मरम्मत नहीं होती, तब तक टैंकर के जरिए घर-घर स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि हर साल गर्मियों में पानी की किल्लत रहती है, लेकिन इस बार स्थिति और भी गंभीर हो गई है क्योंकि पानी पीने लायक ही नहीं बचा।

खाचरियावास ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही टूटी पाइपलाइन को ठीक नहीं किया गया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जल भवन का घेराव करेंगे और बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

यह घटना न सिर्फ जयपुर बल्कि पूरे प्रदेश में जल प्रबंधन और शहरी विकास की पोल खोलती है। सवाल यह है कि जहां जरूरत नहीं है वहां निर्माण कार्य क्यों किए जा रहे हैं, और जहां जरूरत है वहां काम क्यों नहीं हो रहा।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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