जयपुर। राजधानी जयपुर के जमवारामगढ़ स्थित हाईवे पर शुक्रवार तड़के एक भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। केबल से भरे एक ट्रेलर में पीछे से बेकाबू कार जा घुसी, जिसके बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई।
हालांकि गनीमत यह रही कि आग भड़कने से पहले ही कार में सवार दोनों युवकों को बाहर निकाल लिया गया। फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से करीब 10 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस के अनुसार यह दुर्घटना शुक्रवार तड़के करीब 3:30 बजे जमवारामगढ़ स्थित हाईवे पर पिलर नंबर-42 के पास हुई। कार में सवार दो युवक जयपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान आगे चल रहे केबल से भरे ट्रेलर में उनकी कार पीछे से जा टकराई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ ही क्षणों में कार से धुआं उठने लगा और फिर आग की लपटें भड़क उठीं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार के ब्रेक सही समय पर नहीं लगे, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर ट्रेलर में जा घुसा। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच के बाद ही ब्रेक फेल होने की पुष्टि की जा सकेगी, लेकिन प्रथमदृष्टया यही कारण सामने आ रहा है।
हाईवे पर तेज रफ्तार और तड़के का समय—इन दोनों कारणों ने हादसे की गंभीरता को बढ़ा दिया।
हादसे के तुरंत बाद ट्रेलर चालक ने सूझबूझ का परिचय दिया। उसने कार में फंसे दोनों युवकों को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि यदि कुछ और सेकंड की देरी हो जाती, तो स्थिति और भयावह हो सकती थी।
कार से निकाले जाने के कुछ ही देर बाद उसमें आग लग गई, जिसने देखते ही देखते ट्रेलर को भी अपनी चपेट में ले लिया।
आग इतनी तेज थी कि हाईवे पर गुजर रहे अन्य वाहन चालक रुक गए। आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें और काला धुआं दूर से ही दिखाई दे रहा था।
सूचना मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाया गया।
फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर तेजी से पानी की बौछार शुरू की। करीब 10 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
यदि आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो केबल से भरे ट्रेलर में बड़ा विस्फोट भी हो सकता था, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होता।
हादसे में उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी प्रियांशु और हिमांशु घायल हुए हैं। दोनों को तुरंत जमवारामगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों के अनुसार एक युवक के पैर में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि दूसरे को अंदरूनी चोटें आई हैं। फिलहाल दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
जमवारामगढ़ थाना प्रभारी भगवान सहाय के अनुसार पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। वाहनों को जब्त कर लिया गया है और तकनीकी जांच करवाई जा रही है।
सुबह करीब 5:30 बजे पुलिस को आधिकारिक सूचना दी गई। इसके बाद दुर्घटना की विस्तृत जांच शुरू की गई।
इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और वाहन फिटनेस को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित वाहन सर्विसिंग और ब्रेक सिस्टम की जांच बेहद जरूरी है।
तेज रफ्तार और नींद की कमी भी तड़के होने वाले हादसों की बड़ी वजह मानी जाती है।
कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई, जबकि ट्रेलर को भी भारी नुकसान पहुंचा है। केबल का सामान भी आग की चपेट में आ गया। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने भी मदद की। उन्होंने पुलिस और फायर ब्रिगेड को तुरंत सूचना दी और ट्रैफिक को नियंत्रित करने में सहयोग किया।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेक फेल होने की घटनाएं अक्सर वाहन की खराब मेंटेनेंस के कारण होती हैं। हाईवे पर लंबी दूरी तय करने से पहले वाहन की जांच जरूरी है।
रात या तड़के ड्राइव करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
हालांकि हादसा गंभीर था, लेकिन समय रहते राहत और बचाव कार्य होने से एक बड़ी त्रासदी टल गई। यदि आग फैल जाती या विस्फोट हो जाता, तो स्थिति भयावह हो सकती थी।
जमवारामगढ़ हाईवे पर हुआ यह हादसा सड़क सुरक्षा के प्रति चेतावनी है। तेज रफ्तार और तकनीकी लापरवाही कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है।
फायर ब्रिगेड और पुलिस की तत्परता से दो जिंदगियां बच गईं, लेकिन यह घटना याद दिलाती है कि हाईवे पर हर पल सतर्क रहना जरूरी है।
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