राजस्थान: के दौसा जिले स्थित प्रसिद्ध आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में होली महोत्सव को लेकर श्रद्धा और उल्लास का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। देशभर से श्रद्धालु बालाजी महाराज के दर्शनों के लिए यहां पहुंच रहे हैं। हालांकि इस बार चंद्रग्रहण और सूतक के कारण मंदिर की दर्शन व्यवस्था में विशेष बदलाव किया गया है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, 3 मार्च (मंगलवार) को चंद्रग्रहण सूतक के चलते पूरे दिन श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद रहेंगे। वहीं, होलिका दहन का आयोजन रात्रि 1:30 बजे टोडाभीम रोड बस स्टैंड परिसर में मुहूर्त के अनुसार किया जाएगा।
फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर मेहंदीपुर बालाजी में हर साल की तरह इस बार भी भव्य होलिका दहन की तैयारी की गई है। निर्धारित शुभ मुहूर्त के अनुसार, अर्द्धरात्रि बाद 1:30 बजे होलिका दहन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर ट्रस्ट द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
मंदिर के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज के सान्निध्य में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और स्वच्छता के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन और ट्रस्ट मिलकर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार निगरानी रखे हुए हैं।
चंद्रग्रहण के चलते 3 मार्च को सूतक सुबह 6:30 बजे से प्रारंभ होगा। उससे पहले मंदिर में मंगला आरती संपन्न होगी। इसके तुरंत बाद सुबह 6:20 बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
ग्रहण का मोक्ष शाम 6:47 बजे होगा। इस अवधि के दौरान श्रद्धालु बालाजी महाराज के दर्शन नहीं कर सकेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण और सूतक काल में मंदिरों के पट बंद रखे जाते हैं तथा पूजा-पाठ की विशेष विधियां अपनाई जाती हैं।
हालांकि होली पर्व के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन ग्रहण के असर से भीड़ सामान्य स्तर पर ही देखी जा रही है।
मंगलवार को दर्शन बंद रहने के बाद 4 मार्च (बुधवार) को मंदिर में विशेष शुद्धिकरण प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इसके तहत पंचामृत अभिषेक, बालाजी महाराज को चोला चढ़ाने और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे।
बुधवार सुबह 6 बजे आरती के पश्चात आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही धुलंडी पर्व भी पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
होलिका दहन के अगले दिन 4 मार्च को धुलंडी पर्व मनाया जाएगा। मेहंदीपुर बालाजी में इस अवसर पर विशेष भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन होते हैं। श्रद्धालु एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं देते हैं।
हालांकि मंदिर परिसर में मर्यादा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाता है। रंग खेलने के दौरान धार्मिक परंपराओं और व्यवस्थाओं का पालन अनिवार्य होता है।
मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दर्शन के लिए निर्धारित समय का पालन करें और प्रशासनिक निर्देशों का सहयोग करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करने की भी सलाह दी गई है।
मेहंदीपुर बालाजी देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। होली और पूर्णिमा जैसे अवसरों पर यहां विशेष भीड़ उमड़ती है। ऐसे में ग्रहण और सूतक को ध्यान में रखते हुए समय पर सूचना जारी करना आवश्यक माना गया।
मेहंदीपुर बालाजी में 3 मार्च को चंद्रग्रहण सूतक के कारण सुबह 6:20 बजे से दर्शन बंद रहेंगे। होलिका दहन रात्रि 1:30 बजे होगा और 4 मार्च को शुद्धिकरण व आरती के बाद मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। श्रद्धालुओं से निर्धारित समय का पालन करने की अपील की गई है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.