रैपर से सत्ता के शिखर तक: काठमांडू के मेयर बालेन शाह के हाथों में नेपाल की कमान?

काठमांडू: नेपाल की राजनीति में इन दिनों एक नया नाम तेजी से उभर रहा है—बालेन शाह (बालेंद्र शाह)। युवा रैपर, इंजीनियर और काठमांडू के मौजूदा मेयर के रूप में पहचान बना चुके शाह अब राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। हालिया चुनावी परिणामों के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि उनकी पार्टी सत्ता के करीब पहुंच गई है और नेपाल में पारंपरिक दलों के वर्चस्व को चुनौती मिल रही है।

नेपाल की राजनीति लंबे समय से कांग्रेस और कम्युनिस्ट दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। लेकिन पिछले वर्ष हुए हिंसक राजनीतिक घटनाक्रमों और जनाक्रोश के बाद देश में बदलाव की मांग तेज हो गई थी। इसी माहौल में युवाओं और Gen Z के आंदोलन से बालेन शाह का नाम राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से सामने आया।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक जब देश में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई सरकारी संस्थान जल गए, राजनीतिक नेतृत्व संकट में था और प्रधानमंत्री को सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा, उस समय नए नेतृत्व की तलाश शुरू हुई। उसी दौर में युवा और स्वतंत्र छवि वाले बालेन शाह लोगों के बीच उम्मीद के प्रतीक बनकर उभरे।

हालांकि उस समय शाह ने तुरंत सत्ता संभालने के बजाय चुनावी प्रक्रिया का इंतजार करना बेहतर समझा। अब जब चुनाव परिणाम लगभग स्पष्ट हो चुके हैं, तो माना जा रहा है कि उनकी पार्टी नेपाल की सत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


टाइम मैगज़ीन ने भी माना उभरता नेता

बालेन शाह की लोकप्रियता केवल नेपाल तक सीमित नहीं रही। वर्ष 2023 में टाइम मैगज़ीन ने उन्हें “भविष्य को आकार देने वाले 100 उभरते नेताओं” की सूची में शामिल किया था। इस सूची में शामिल होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी पहचान मजबूत हुई।


संगीत से राजनीति तक का सफर

बालेन शाह केवल राजनेता ही नहीं बल्कि एक लोकप्रिय नेपाली हिप-हॉप कलाकार और रैपर भी रहे हैं। उन्होंने 2010 के दशक की शुरुआत में नेपाली हिप-हॉप संस्कृति में सक्रिय भूमिका निभाई।

उनका पहला गाना “सड़क बालक” उन्होंने नौवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान लिखा था। इसके बाद यूट्यूब की बैटल रैप सीरीज़ Raw Barz में भाग लेने के बाद उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और युवाओं के बीच वह खासे चर्चित हो गए।


इंजीनियरिंग की पढ़ाई और मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि

27 अप्रैल 1990 को काठमांडू के नरदेवी इलाके में जन्मे बालेन शाह एक मैथिल मूल के मधेसी परिवार से आते हैं। उनके पिता राम नारायण शाह आयुर्वेदिक चिकित्सक थे।

उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई VS निकेतन हायर सेकेंडरी स्कूल से की। इसके बाद हिमालयन व्हाइटहाउस इंटरनेशनल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की।

उच्च शिक्षा के लिए वह भारत भी आए और कर्नाटक स्थित विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (VTU) से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की।


काठमांडू के पहले स्वतंत्र मेयर

साल 2022 के स्थानीय चुनाव में बालेन शाह ने इतिहास रच दिया। उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ते हुए प्रमुख दलों के उम्मीदवारों को हराकर काठमांडू के 15वें मेयर का पद हासिल किया।

उन्होंने नेपाली कांग्रेस की उम्मीदवार सिरजाना सिंह और CPN-UML के उम्मीदवार केशव स्थापित को करीब 23 हजार वोटों के अंतर से हराया। उन्हें लगभग 38.6 प्रतिशत वोट मिले।

30 मई 2022 को उन्होंने काठमांडू के महापौर पद की शपथ ली।


मेयर बनने के बाद उठाए कई बड़े कदम

महापौर बनने के बाद बालेन शाह ने प्रशासनिक पारदर्शिता और शहरी सुधार के लिए कई अहम फैसले लिए।

सबसे पहले उन्होंने नगर परिषद की बैठकों का लाइव प्रसारण शुरू किया ताकि जनता सीधे प्रशासनिक प्रक्रिया देख सके।

इसके अलावा काठमांडू में लंबे समय से चली आ रही कचरा प्रबंधन की समस्या को हल करने के लिए सरकार और स्थानीय समुदायों के साथ समझौते किए।


अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई

बालेन शाह का सबसे चर्चित कदम शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान रहा। उन्होंने तुकुचा नदी के ऊपर बने अवैध ढांचों को हटाने का आदेश दिया ताकि नदी को उसके मूल स्वरूप में लाया जा सके।

हालांकि इस कार्रवाई के खिलाफ कुछ व्यापारियों ने अदालत का रुख किया और पाटन हाई कोर्ट ने अस्थायी रोक लगा दी। इसके बावजूद शाह ने शहरी व्यवस्था सुधारने की अपनी मुहिम जारी रखी।


शिक्षा और युवाओं पर फोकस

बालेन शाह के नेतृत्व में काठमांडू महानगरपालिका ने स्कूलों में “पाठ्यपुस्तक-मुक्त-शुक्रवार” कार्यक्रम शुरू किया। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को तकनीकी कौशल और व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ना है।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

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