देश में LPG संकट गहराया: एजेंसियों पर लंबी कतारें, पुलिस सुरक्षा में बंट रहे सिलेंडर; अयोध्या की राम रसोई भी बंद

देश: में एलपीजी गैस की कमी ने आम लोगों से लेकर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग तक को संकट में डाल दिया है। कई राज्यों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को घंटों इंतजार करने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कुछ जगहों पर पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर बांटे जा रहे हैं।

विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में गैस की किल्लत देखने को मिल रही है। इस संकट का असर धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक भोजन सेवाओं तक पहुंच गया है। अयोध्या में चलने वाली प्रसिद्ध Ram Rasoi को भी अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। बताया जा रहा है कि पिछले 8 वर्षों में यह पहली बार हुआ है जब गैस की कमी के कारण राम रसोई को बंद करना पड़ा।

एजेंसियों के बाहर सुबह 3 बजे से लाइन

उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हालात काफी तनावपूर्ण हैं। गोरखपुर और सिद्धार्थनगर में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। लोग सुबह 3 बजे से ही लाइन लगाकर सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं।

सिलेंडर की संख्या सीमित होने के कारण प्रशासन को व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ रही है। कई जगहों पर पुलिस सुरक्षा में ही गैस वितरण किया जा रहा है।

होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर संकट

कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने का सबसे ज्यादा असर होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट्स पर पड़ा है। कई जगहों पर खाना बनाना मुश्किल हो गया है।

दिल्ली में Delhi High Court की वकीलों की कैंटीन में भी गैस खत्म होने के कारण मुख्य भोजन बनाना बंद करना पड़ा है। कैंटीन प्रबंधन के अनुसार फिलहाल दाल-चावल, राजमा-चावल और बिरयानी जैसे कई मुख्य व्यंजन अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं क्योंकि गैस की नई सप्लाई नहीं मिल रही है।

बिहार और मध्य प्रदेश में भी गंभीर हालात

बिहार के कई जिलों जैसे पटना, गोपालगंज, खगड़िया और औरंगाबाद में भी लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई गैस एजेंसियों पर ताला लटका हुआ है और बुकिंग भी बंद कर दी गई है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों ने इसे “इमरजेंसी जैसी स्थिति” बताया है। अगले 20 दिनों में शहर में करीब एक हजार शादियां होने वाली हैं, ऐसे में गैस की कमी से कैटरर्स और होटल मालिकों की चिंता बढ़ गई है।

कालाबाजारी भी बढ़ी

संकट का फायदा उठाकर कई जगहों पर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में 1900 रुपये के कॉमर्शियल सिलेंडर को 2500 रुपये तक में बेचे जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

गुजरात में भी कुछ व्यापारियों का कहना है कि कॉमर्शियल सिलेंडर के लिए 2500 से 3000 रुपये तक की मांग की जा रही है, जिससे छोटे दुकानदारों और फूड ट्रक संचालकों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।

रेलवे कैटरिंग पर भी असर

गैस संकट का असर रेल यात्रियों पर भी पड़ सकता है। रेलवे की ऑनलाइन टिकटिंग और कैटरिंग सेवा Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) ने संकेत दिया है कि गैस की कमी के कारण ट्रेनों में भोजन सेवा अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है।

यदि ऐसा होता है तो जिन यात्रियों ने टिकट के साथ भोजन बुक किया है, उन्हें रिफंड दिया जा सकता है। साथ ही कैटरिंग यूनिट्स को माइक्रोवेव और इंडक्शन जैसे वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

संकट की वजह क्या है

इस गैस संकट के पीछे दो बड़ी वजहें बताई जा रही हैं।

पहली वजह है मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव। हाल ही में Strait of Hormuz के आसपास बढ़े सुरक्षा खतरे के कारण तेल और गैस के जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यह जलमार्ग दुनिया के कुल पेट्रोलियम व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है।

दूसरी वजह कतर में गैस उत्पादन प्रभावित होना बताया जा रहा है। ईरान से जुड़े सैन्य तनाव के बाद कुछ LNG प्लांट्स का उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। भारत अपनी LNG जरूरतों का बड़ा हिस्सा कतर से आयात करता है, इसलिए इसका सीधा असर घरेलू गैस सप्लाई पर पड़ा है।

सरकार ने उठाए कई कदम

संकट से निपटने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार ने गैस की जमाखोरी रोकने के लिए Essential Commodities Act, 1955 लागू कर दिया है।

इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव करते हुए तय किया गया है कि एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक किया जा सकेगा।

सरकार ने सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है और तेल कंपनियों को होटल और रेस्टोरेंट संगठनों से बातचीत कर सप्लाई प्राथमिकता तय करने को कहा है।

अधिकारियों का कहना है कि एलपीजी के नए कार्गो जहाज भारत की ओर आ रहे हैं और अगले एक-दो दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।


निष्कर्ष

देश में एलपीजी की मौजूदा कमी ने आम जनता और व्यवसाय दोनों के लिए गंभीर चुनौती पैदा कर दी है। हालांकि सरकार ने हालात संभालने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट के कारण सप्लाई व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो गैस संकट का असर आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
भजनलाल शर्मा का आया एक फोन और सारा काम हो गया... | मुकेश मिश्रा बने इंडियन मीडिया काउंसिल के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष, रतीराम गुर्जर को मिली प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी | उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस-वोटिंग विवाद: TMC बोली BJP ने विपक्षी सांसदों को ₹15-20 करोड़ में खरीदा; भाजपा ने कहा – I.N.D.I.A. गठबंधन में फूट | लाल किले से 'नए भारत' का आगाज: पीएम मोदी देंगे 12वां ऐतिहासिक भाषण, 5000 खास मेहमान बनेंगे गवाह | PM मोदी बोले: पुणे जैसा पटना और मुंबई जैसा मोतिहारी बनेगा, पहली नौकरी पर सरकार देगी ₹15 हजार | प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, एनटीपीसी निवेश से ऊर्जा क्षेत्र को भी मिलेगी रफ्तार: अमित शाह | राजस्थान में सरकारी नौकरियों का सुनहरा मौका: 50 हजार कर्मचारियों को मिलेगा प्रमोशन, नई भर्तियों में 100% पद बढ़े | नीरव मोदी के भाई निहाल मोदी को अमेरिका में किया गया गिरफ्तार: PNB घोटाले से जुड़े सबूत मिटाने का आरोप, भारत ने की थी प्रत्यर्पण की अपील | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले - भारतीय प्रवासियों ने दुनिया को भारत की संस्कृति और मूल्यों से जोड़े रखा, पूर्वजों की कठिनाइयों ने उम्मीद को नहीं तोड़ा | CM रेखा गुप्ता के बंगले के रेनोवेशन पर बवाल: एसी-टीवी से भरा टेंडर, विपक्ष ने कहा 'मायामहल' |