जींद: भारतीय कुश्ती जगत की चर्चित पहलवान और ओलिंपियन विनेश फोगाट एक बार फिर सुर्खियों में हैं। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने उन्हें अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से अयोग्य घोषित कर दिया है।
WFI के इस फैसले के बाद खेल जगत और राजनीति दोनों में चर्चा तेज हो गई है। फेडरेशन का कहना है कि विनेश फोगाट ने संन्यास से वापसी को लेकर निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया और छह महीने पहले जरूरी सूचना नहीं दी। इसके अलावा डोप टेस्ट प्रक्रिया में सहयोग नहीं करने का भी आरोप लगाया गया है।
जानकारी के मुताबिक, इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने 4 मई 2026 को विनेश फोगाट को नोटिस जारी किया था। यह नोटिस 18 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में आयोजित डोप टेस्ट में शामिल नहीं होने को लेकर भेजा गया था। WFI ने इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए उन्हें घरेलू मुकाबलों से अस्थायी रूप से बाहर कर दिया।
विनेश फोगाट इससे पहले अगस्त 2024 में पेरिस ओलिंपिक के दौरान ओवरवेट पाए जाने के कारण डिसक्वालीफाई हो गई थीं। उस समय उन्होंने भावुक होकर कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान किया था। हालांकि कुछ समय बाद उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया और दोबारा मैट पर लौटने की तैयारी शुरू कर दी थी।
लेकिन अब WFI की कार्रवाई के बाद उनका भविष्य फिर सवालों के घेरे में आ गया है। फेडरेशन ने अपने नोटिस में कहा है कि विनेश का व्यवहार भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला रहा है और इससे देश को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है।
इसी बीच हाल ही में विनेश फोगाट ने WFI के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर फिर गंभीर आरोप लगाए थे। 3 मई को सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में विनेश ने खुलासा किया था कि महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में शिकायत करने वाली छह पीड़िताओं में वह खुद भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा था कि गोंडा में आयोजित होने वाले सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट में हिस्सा लेना उनके लिए मानसिक रूप से बेहद कठिन होगा, क्योंकि वह स्थान बृजभूषण शरण सिंह से जुड़ा हुआ है। विनेश ने आरोप लगाया था कि टूर्नामेंट में रेफरी, मैच चेयरमैन और फैसलों तक पर प्रभाव डाला जा सकता है।
विनेश ने अपने वीडियो में कहा था कि वह पिछले डेढ़ साल से कुश्ती मैट से दूर थीं, लेकिन अब फिर से देश के लिए मेडल जीतने के इरादे से कड़ी मेहनत कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और खेल मंत्रालय इस पूरे मामले में मूकदर्शक बने हुए हैं।
दरअसल, जनवरी 2023 में विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया सहित कई पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इस आंदोलन ने पूरे देश में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया था।
धरने के दौरान पहलवानों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी, जिसमें कई खिलाड़ियों को हिरासत में लिया गया था। उस समय विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था कि महिला पहलवानों के साथ गलत व्यवहार किया गया और खिलाड़ियों का मानसिक उत्पीड़न हुआ।
वहीं बृजभूषण शरण सिंह ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि यदि आरोप साबित हो जाएं तो वह फांसी पर लटकने को तैयार हैं। उन्होंने इस आंदोलन को राजनीतिक साजिश बताया था।
अब WFI की कार्रवाई के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय कुश्ती की छवि पर असर पड़ सकता है। वहीं विनेश के समर्थक इसे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई मान रहे हैं।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि विनेश फोगाट WFI के नोटिस का क्या जवाब देती हैं और आगे उनका खेल करियर किस दिशा में जाता है।
भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा विनेश फोगाट पर लगाया गया बैन खेल जगत में बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। डोपिंग नियम उल्लंघन और अनुशासनहीनता के आरोपों के बीच यह मामला अब खेल से आगे बढ़कर सामाजिक और राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका है।
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