जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित सचिवालय में शनिवार दोपहर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग सचिवालय के डीआईपीआर (जनसंपर्क विभाग) सेक्शन में लगी, जिसके बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सचिवालय के डीआईपीआर सेक्शन से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। कुछ ही देर में कर्मचारियों और अधिकारियों में हलचल मच गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना प्रशासन और दमकल विभाग को दी।
बताया जा रहा है कि आग लगते ही वहां मौजूद तकनीकी स्टाफ ने तत्काल एमसीबी ट्रिप कर दी, जिससे बिजली सप्लाई बंद हो गई और आग को फैलने से रोकने में मदद मिली। इसी सतर्कता की वजह से बड़ा हादसा टल गया।
घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां सचिवालय पहुंचीं। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कुछ ही समय में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
डीआईपीआर के वरिष्ठ अधिकारी भी घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने पूरे सेक्शन की जांच की और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग उस कमरे में लगी जहां विभागीय उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम मौजूद थे। शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है। तकनीकी टीम और विद्युत विभाग के अधिकारी आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हुए हैं।
सचिवालय जैसे संवेदनशील सरकारी परिसर में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय था और इसी वजह से स्थिति को जल्दी नियंत्रित कर लिया गया।
घटना के दौरान कुछ समय के लिए सचिवालय परिसर में कामकाज प्रभावित हुआ। कर्मचारी घबराकर अपने कमरों से बाहर निकल आए और आसपास के क्षेत्रों को एहतियातन खाली कराया गया। हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद दोबारा काम शुरू कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार आग ज्यादा फैलती तो महत्वपूर्ण दस्तावेजों और तकनीकी उपकरणों को भारी नुकसान हो सकता था। डीआईपीआर सेक्शन में कई महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड और संचार से जुड़े सिस्टम मौजूद रहते हैं। ऐसे में समय पर कार्रवाई बेहद अहम साबित हुई।
राजस्थान सचिवालय में इससे पहले भी तकनीकी खराबियों और विद्युत समस्याओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। इस घटना के बाद अब पूरे सचिवालय परिसर की बिजली व्यवस्था और फायर सेफ्टी ऑडिट कराए जाने की मांग उठने लगी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में लगातार बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल के कारण शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में नियमित वायरिंग जांच और फायर ड्रिल बेहद जरूरी हो जाती है।
फिलहाल प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। दमकल विभाग और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आग आखिर किस वजह से लगी और क्या कहीं सुरक्षा मानकों में लापरवाही हुई थी।
सचिवालय प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर भी काम किया जाएगा।
जयपुर सचिवालय के डीआईपीआर सेक्शन में लगी आग ने कुछ समय के लिए प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया, लेकिन कर्मचारियों की सतर्कता और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल शॉर्ट सर्किट को आग की मुख्य वजह माना जा रहा है और मामले की जांच जारी है।
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