राजस्थान: की राजधानी जयपुर में एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है। राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने पंजाब के तरनतारन निवासी गुरुविंदर सिंह को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि वह सीमा सुरक्षा बल (BSF) की गतिविधियों के वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेज रहा था। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) से जुड़ा हुआ था और जयपुर में रहकर बड़ी आतंकी वारदात की तैयारी कर रहा था।
ATS के मुताबिक आरोपी पिछले करीब दो महीने से जयपुर रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक होटल में नौकरी के बहाने छिपकर रह रहा था। इसी दौरान उसने पाकिस्तान में बैठे आतंकी नेटवर्क से संपर्क साधा और ग्रेनेड तथा AK-47 जैसे हथियार मंगाने की कोशिश की। इससे पहले कि वह अपने मंसूबों में कामयाब हो पाता, ATS ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
ATS एडीजी Dinesh MN ने बताया कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग शाखा की जांच के दौरान गुरुविंदर सिंह की संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। आरोपी लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर देश विरोधी सामग्री साझा कर रहा था। उसके फेसबुक मैसेंजर अकाउंट से प्रतिबंधित आतंकी संगठन TRF से जुड़े लोगों के साथ चैट, हथियारों की बातचीत और विस्फोटक गतिविधियों से जुड़े वॉइस नोट मिले हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रो-खालिस्तान और प्रो-पाकिस्तान समर्थक पोस्ट भी मिले हैं। वह कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) से जुड़े खालिस्तानी समर्थक Gurpatwant Singh Pannun के वीडियो और संदेश भी लगातार शेयर कर रहा था।
ATS की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी जयपुर में होटल में ड्राइवर और अन्य काम करने के बहाने रुका हुआ था। लेकिन होटल में रहते हुए वह पाकिस्तान और कश्मीर में सक्रिय आतंकी समूहों के संपर्क में था। एजेंसियों को शक है कि जयपुर में रहकर वह स्थानीय स्तर पर नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कुछ संवेदनशील स्थानों की रेकी की थी और BSF से जुड़ी गतिविधियों के वीडियो पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेजे थे। ATS अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी किसी बड़े मॉड्यूल का हिस्सा था या अकेले काम कर रहा था।
राजस्थान ATS की सूचना पर पंजाब के तरनतारन जिले के थाना सदर पट्टी में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसके बाद विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और डिजिटल डाटा का गहन विश्लेषण कर रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने की कोशिश भी कर रहा था। उसकी ऑनलाइन गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी। ATS की एंटी सोशल मीडिया यूनिट ने उसकी संदिग्ध पोस्ट और चैट्स को ट्रैक किया, जिसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए पंजाब में दबिश दी।
इस गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जयपुर रेलवे स्टेशन और अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। होटल स्टाफ और आरोपी के संपर्क में आए लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए आतंकी नेटवर्क अब नए लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे मामलों में डिजिटल मॉनिटरिंग और साइबर इंटेलिजेंस की भूमिका बेहद अहम हो गई है।
राजस्थान ATS की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है क्योंकि समय रहते संभावित आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया। फिलहाल एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे और क्या वह किसी बड़े आतंकी ऑपरेशन की तैयारी कर रहा था।
जयपुर में सामने आया यह मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चेतावनी माना जा रहा है। सोशल मीडिया के जरिए देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने और आतंकी संगठनों से संपर्क रखने वाले आरोपी की गिरफ्तारी से एक संभावित आतंकी साजिश को समय रहते रोका गया है। अब जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी हैं।
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