राजस्थान: के दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां जमीन विवाद के बीच पुलिस कार्रवाई के दौरान एक युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। घटना शनिवार सुबह बैजूपाड़ा थाना क्षेत्र के लोटवाडा गांव की है। युवक करीब 30 प्रतिशत तक झुलस गया, जिसे गंभीर हालत में दौसा जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और गांव में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान रवि कुमार मीणा के रूप में हुई है। रवि का कहना है कि वह अपनी पैतृक जमीन पर मकान बना रहा था और पुलिस कई बार पहले भी निर्माण कार्य रुकवाने पहुंच चुकी थी। शनिवार सुबह करीब 10 बजे एक बार फिर पुलिस टीम निर्माण कार्य रुकवाने के लिए मौके पर पहुंची।
रवि ने आरोप लगाया कि पुलिस बिना उनकी बात सुने जबरन निर्माण बंद करवाने लगी। इस दौरान परिवार और पुलिस के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर रवि ने गुस्से और तनाव में आकर खुद पर पेट्रोल डाल लिया और आग लगा ली।
मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की। युवक आग की लपटों में घिर गया था और उसके हाथ, पैर व शरीर के अन्य हिस्से झुलस गए। प्राथमिक उपचार के लिए उसे पहले बैजूपाड़ा के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे दौसा जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। कुछ लोगों का आरोप है कि प्रशासन को मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहिए था, ताकि ऐसी नौबत नहीं आती।
वहीं, पुलिस का कहना है कि वे केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने और विवादित जमीन पर निर्माण रोकने के लिए पहुंचे थे। बैजूपाड़ा थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद शर्मा ने बताया कि जिस जमीन पर निर्माण हो रहा था, वह जमीन युवक के चाचा मानसिंह मीणा पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेच चुके हैं।
पुलिस के अनुसार, जमीन विवाद कोर्ट में लंबित है और मामले की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। इसी वजह से पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। थाना प्रभारी ने बताया कि परिवार को कोर्ट से स्टे ऑर्डर लेने के लिए कहा गया था, लेकिन इसी दौरान युवक ने अचानक खुद को आग लगा ली।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के समय माहौल तनावपूर्ण हो गया था। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने तुरंत युवक को बचाने की कोशिश की और अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल युवक की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, रवि पिछले कुछ समय से जमीन विवाद को लेकर मानसिक तनाव में था। गांव के कई लोगों ने कहा कि प्रशासन और दोनों पक्षों के बीच समय रहते समझौता हो जाता तो शायद यह हादसा टल सकता था।
इस घटना ने एक बार फिर जमीन विवादों और प्रशासनिक हस्तक्षेप को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्थान में आए दिन ऐसे विवाद सामने आते हैं, जहां छोटी-छोटी बातों पर हालात हिंसक हो जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि विवादित मामलों में पुलिस और प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। साथ ही परिवारों को भी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए धैर्य बनाए रखना जरूरी है।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि युवक ने अचानक इतना बड़ा कदम क्यों उठाया और क्या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी थे। मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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