राजधानी: जयपुर के चाकसू इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासन और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक व्यक्ति पर खुद को जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) का अधिकारी बताकर महिला से मारपीट, छेड़छाड़ और ₹2.5 लाख की रंगदारी मांगने के आरोप लगे हैं। पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया है कि घटना के वीडियो सबूत भी उसके पास मौजूद हैं।
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामला अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता सोना जाट निवासी इमाम नगर, चाकसू ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि 8 मई 2026 की दोपहर वह अपने निर्माणाधीन मकान पर मौजूद थीं। यह मकान राधा गोविंद विहार कॉलोनी में स्थित है।
इसी दौरान एक व्यक्ति गाड़ी नंबर RJ 14 TF 1273 में वहां पहुंचा। आरोपी की पहचान कृष्ण कुमार गुर्जर के रूप में बताई गई है। महिला का आरोप है कि उसने खुद को JDA अधिकारी बताते हुए निर्माण कार्य पर आपत्ति जताई और तुरंत काम रुकवाने की धमकी दी।
पीड़िता के मुताबिक आरोपी ने कथित रूप से कहा कि यदि निर्माण कार्य जारी रखना है तो ₹2.5 लाख देने होंगे। महिला ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो आरोपी भड़क गया।
रिपोर्ट के अनुसार आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और महिला को डराने-धमकाने लगा। इसके बाद मामला हिंसा तक पहुंच गया।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और पत्थरों से हमला किया। इतना ही नहीं, महिला की ओढ़नी खींचकर अभद्रता और छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया गया है।
घटना के समय महिला की चार साल की बेटी भी मौके पर मौजूद थी। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने मासूम बच्ची के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की।
इस घटना के बाद महिला और उसका परिवार बेहद डरा हुआ है। परिवार का कहना है कि आरोपी खुलेआम दबंगई दिखा रहा था और सरकारी अधिकारी होने का रौब झाड़ रहा था।
सबसे अहम बात यह है कि पीड़िता ने दावा किया है कि पूरी घटना के वीडियो उसके पास मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान कुछ लोगों ने मोबाइल से रिकॉर्डिंग की थी।
यदि वीडियो सामने आते हैं तो यह मामला और गंभीर हो सकता है। पुलिस अब वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ा सकती है।
घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति फर्जी अधिकारी बनकर महिलाओं को धमका सकता है, रंगदारी मांग सकता है और खुलेआम मारपीट कर सकता है, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए और यदि वह वास्तव में सरकारी अधिकारी नहीं है तो फर्जी पहचान के मामले में भी मुकदमा दर्ज किया जाए।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध सबूतों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
मामले में यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी वास्तव में किसी सरकारी विभाग से जुड़ा है या नहीं। यदि आरोप सही पाए गए तो आरोपी पर रंगदारी, मारपीट, महिला उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई हो सकती है।
यह मामला एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और सरकारी सिस्टम के नाम पर हो रही दबंगई को लेकर चिंता बढ़ा रहा है। खासकर तब, जब आरोपी ने कथित रूप से सरकारी अधिकारी बनकर महिला को डराने की कोशिश की।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि लोगों का कानून और प्रशासन पर भरोसा बना रहे।
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