पाकिस्तान: एक बार फिर भीषण आतंकी हमले से दहल उठा है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में शनिवार देर रात हुए आत्मघाती हमले में 15 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हमला इतना खतरनाक था कि पूरा पुलिस चेकपोस्ट मलबे में बदल गया और आसपास के कई घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा।
जानकारी के मुताबिक, एक आत्मघाती हमलावर विस्फोटकों से भरी गाड़ी लेकर बन्नू जिले के फतेह खेल पुलिस चेकपोस्ट तक पहुंचा। इसके बाद उसने तेज रफ्तार में वाहन को सीधे चेकपोस्ट से टकरा दिया। टक्कर होते ही जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास की इमारतें हिल गईं। कई घरों की दीवारों और छतों में दरारें आ गईं, जबकि कुछ मकानों की छतें तक गिर गईं। घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए।
बन्नू के डीआईजी सज्जाद खान ने बताया कि विस्फोट के बाद पुलिस चेकपोस्ट पूरी तरह ध्वस्त हो गया। कई पुलिसकर्मी मलबे के नीचे दब गए थे। राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर रातभर अभियान चलाया और मलबे में फंसे जवानों को बाहर निकाला।
अधिकारियों के अनुसार, तीन पुलिस अधिकारियों को जिंदा बाहर निकाला गया, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों का इलाज जिला मुख्यालय अस्पताल में चल रहा है।

पुलिस अधिकारियों ने मृतक जवानों की पहचान भी कर ली है। इनमें रहमत अयाज, सनाउल्लाह, नियाज अली, हबीब, सादुल्लाह जान, कामरान, नूरुल्लाह, आबिद जानी, इमरान, कलीमुल्लाह, सादिकुल्लाह, मुनीर आलम खान, राहतुल्लाह खान और फारूक शामिल हैं।
वहीं घायल जवानों में मुजरिम फिरोज, हयातुल्लाह और कदरुल्लाह के नाम सामने आए हैं। सभी घायलों की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
हमले के बाद बन्नू और आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस और सेना ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमलावर किस संगठन से जुड़ा था और उसे किस तरह सहायता मिली।
सुरक्षा अधिकारियों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि हमले की योजना काफी समय पहले बनाई गई थी।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने मृतक पुलिसकर्मियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियों को पूरे मामले की गहन जांच करने को कहा गया है।
इस आत्मघाती हमले से पहले बलूचिस्तान में भी हिंसा की कई घटनाएं सामने आई थीं। बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने हाल ही में प्रांत के अलग-अलग हिस्सों में 10 हमलों की जिम्मेदारी ली थी।
संगठन ने दावा किया कि खारन, वाशुक, आवारान, केच और मस्तुंग में सुरक्षाबलों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में 10 सुरक्षाकर्मियों और चार अन्य लोगों की मौत हुई थी।
बीएलएफ प्रवक्ता मेजर ग्वहराम बलूच ने दावा किया कि उनके लड़ाकों ने सैन्य शिविरों, काफिलों और सड़क निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा में लगे जवानों पर हमले किए। उन्होंने यह भी कहा कि कई जगहों से हथियार कब्जे में लिए गए और निगरानी कैमरों को नष्ट किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान में आतंकी घटनाओं में तेजी आई है। खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल लगातार निशाने पर हैं।
सरकार और सेना की ओर से कई अभियान चलाए जाने के बावजूद आतंकी संगठन नए तरीके से हमले कर रहे हैं। इस ताजा आत्मघाती हमले ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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