महवा: क्षेत्र के चर्चित मांगूसिंह राजपूत हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी रोहताश मीणा को आखिरकार मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस इस केस को लेकर लगातार दबिश दे रही थी और आरोपी पर 15 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।
बालाहेड़ी थाना पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की मदद से इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इससे पहले इस हत्याकांड में सात अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब पुलिस मुख्य आरोपी से पूछताछ कर पूरे षड्यंत्र और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार 15 मार्च 2026 को महवा क्षेत्र के मौसमपुर पट्टी तिराहे पर दुकानदार मांगूसिंह राजपूत पर कुछ लोगों ने अचानक हमला कर दिया था। हमलावरों ने लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से बुरी तरह मारपीट की, जिससे मांगूसिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया था और राजपूत समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला।
बालाहेड़ी थाना प्रभारी सत्यनारायण बसवाल ने बताया कि हत्या के बाद से ही मुख्य आरोपी रोहताश मीणा फरार चल रहा था। पुलिस की कई टीमें लगातार उसकी तलाश कर रही थीं। आरोपी बार-बार लोकेशन बदल रहा था ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके।
एसपी सागर राणा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इसके बाद पुलिस ने साइबर टीम और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।
पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मध्य प्रदेश के भोपाल में छिपा हुआ है। इसके बाद विशेष टीम वहां रवाना की गई। कई घंटों की निगरानी और जांच के बाद पुलिस ने आरोपी रोहताश मीणा को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आखिरकार उसे दबोच लिया गया।
इस मामले में पुलिस पहले ही सात अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में सामने आया कि हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने तीन वाहनों का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने उन वाहनों को भी जब्त कर लिया है।
अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि हत्या के पीछे की पूरी साजिश और अन्य शामिल लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकेगी।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से राजपूत समाज में भारी नाराजगी थी। कुछ दिन पहले समाज के सैकड़ों लोगों ने बालाहेड़ी थाने के सामने प्रदर्शन भी किया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी थी।
इसके बाद पुलिस पर लगातार दबाव बढ़ता गया और आखिरकार आरोपी की गिरफ्तारी ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
एसपी सागर राणा के निर्देश पर गठित टीम में बालाहेड़ी थाना प्रभारी सत्यनारायण बसवाल, एएसआई सियाराम गुर्जर, हेड कॉन्स्टेबल भूपेंद्र सिंह चौधरी, भागीरथ सिंह, रविंद्र सिंह और बने सिंह शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हेड कॉन्स्टेबल रविंद्र सिंह चौधरी और भागीरथ सिंह ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर यह हत्याकांड पूरे महवा और दौसा जिले में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोग अब इस मामले में जल्द चार्जशीट दाखिल कर आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं।
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