राजस्थान: के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं और रोजगार को लेकर बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि उनकी सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान में पहले पेपर लीक और भर्ती घोटालों का माहौल बना हुआ था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को बदलने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि “आपने पुरानी सरकार का दौर भी देखा है और अब हमारी सरकार का भी। हमारी सरकार को ढाई साल हो गए हैं, लेकिन एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।”
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार ने अपने घोषणा पत्र में चार लाख सरकारी और छह लाख निजी क्षेत्र में रोजगार देने का वादा किया था। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य सरकार सवा लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दे चुकी है।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने अजमेर जिले के कड़ेल गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पिछले ढाई वर्षों में 13 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में हुई RAS भर्ती परीक्षा का टॉपर भी इसी गांव से है। मुख्यमंत्री ने इसे ग्रामीण युवाओं की मेहनत और सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का परिणाम बताया।
सीएम ने कहा कि सरकार चाहती है कि गांव के किसान और मजदूर परिवारों के बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहरों की ओर पलायन न करें। इसी सोच के तहत हर ग्राम पंचायत में अटल ज्ञान केंद्र खोलने की योजना बनाई गई है। इन केंद्रों में लाइब्रेरी और ई-लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि युवाओं को गांव में ही पढ़ाई और तैयारी का बेहतर माहौल मिल सके।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद भी किया और उनके इनोवेशन को करीब से देखा। उन्होंने कहा कि राजस्थान के युवा अब केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को आगे बढ़ाने वाले बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान राज्य में “ब्रह्मगुप्त पुरस्कार” शुरू करने की भी घोषणा की। यह पुरस्कार महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री ब्रह्मगुप्त के नाम पर दिया जाएगा। विज्ञान, गणित, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वैज्ञानिकों, छात्रों और प्रतिभाशाली व्यक्तियों को इस सम्मान से नवाजा जाएगा।
सीएम ने कहा कि ब्रह्मगुप्त केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे भारत की वैज्ञानिक विरासत के प्रतीक हैं। उनका जन्म 7वीं शताब्दी में जालोर जिले के भीनमाल में हुआ था। सरकार का मानना है कि इस पुरस्कार से नई पीढ़ी विज्ञान और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होगी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने जयपुर के कोचिंग हब में एक आधुनिक इनोवेशन सेंटर स्थापित करने की घोषणा भी की। इस सेंटर में युवाओं को नई तकनीक, रिसर्च और स्टार्टअप आइडिया पर काम करने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य के सरकारी उपक्रमों की स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिन विभागों को पहले घाटे वाला माना जाता था, वे अब मुनाफे में आ रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान रोडवेज, डेयरी और सहकारिता विभाग में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।
सीएम ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने 10 लाख नए सदस्य बनाए हैं। अब सरकार हर ग्राम पंचायत में सहकारिता इकाई खोलने की दिशा में काम कर रही है ताकि ग्रामीण युवाओं को रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर मिल सकें।
कार्यक्रम में मौजूद छात्रों और युवाओं ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं का स्वागत किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं और रोजगार पर सरकार का फोकस आने वाले समय में राजस्थान की राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर असर डाल सकता है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर युवाओं को रोजगार, पारदर्शिता और नवाचार का संदेश दिया। पेपर लीक पर सख्त रुख, ब्रह्मगुप्त पुरस्कार और इनोवेशन सेंटर जैसी घोषणाएं सरकार के युवा-केंद्रित एजेंडे को मजबूत करती हैं। अब देखना होगा कि इन योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक कितनी तेजी से पहुंचता है।
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