राजस्थान: की राजधानी जयपुर में जेल के अंदर बनाया गया एक धमकी भरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई। मामले में लालकोठी थाना पुलिस ने हरियाणा के एक वांटेड बदमाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने जेल से बाहर आने के बाद इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया था और पुलिस से बचने के लिए अपना मोबाइल फोन तक तोड़ दिया, लेकिन आखिरकार पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान जगदीप उर्फ जगदीश पहलवान उर्फ कीडू (33) निवासी बरोदा, सोनीपत हरियाणा के रूप में हुई है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था और करधनी थाने में दर्ज एक मामले में फरार चल रहा था।
डीसीपी (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने बताया कि सितंबर 2025 में जयपुर जेल के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए आरोपी और उसके साथियों ने एक धमकी भरा वीडियो रिकॉर्ड किया था। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया गया, जिसके बाद वीडियो तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो में कथित रूप से बदमाशों का गैंगस्टर स्टाइल दिखाई दे रहा था और उसमें धमकी भरे संदेश भी शामिल थे। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और जेल सुरक्षा पर सवाल उठने लगे थे कि आखिर जेल के अंदर मोबाइल फोन कैसे पहुंचा और आरोपी इतने आराम से वीडियो कैसे बना पाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लालकोठी थाना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने जेल में मौजूद कई आरोपियों से पूछताछ की। इनमें निखिल, अंकित जाट, प्रमोद स्वामी, राकेश गुर्जर, देशराज गुर्जर, रवि उर्फ रवींद्र गुर्जर, मनीष चौधरी और आकाश तंवर उर्फ बंटू शामिल थे।
पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड करने वाला मुख्य आरोपी जगदीप पहलवान था, जिसे हाल ही में जेल से जमानत मिली थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी।
सूत्रों के अनुसार आरोपी को जब पुलिस की कार्रवाई की भनक लगी तो उसने अपना मोबाइल फोन तोड़ दिया ताकि कोई डिजिटल सबूत हाथ न लगे। उसने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी बंद करने की कोशिश की, लेकिन तब तक पुलिस उसके करीब पहुंच चुकी थी।
लालकोठी थाना पुलिस की टीम ने कई जगह दबिश देकर आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के इंस्टाग्राम अकाउंट से वायरल वीडियो डिलीट करवाया और अकाउंट को भी बंद करा दिया है।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि जेल के अंदर मोबाइल फोन कैसे पहुंचा और वीडियो बनाने में किन लोगों ने उसकी मदद की। जांच में जेल स्टाफ की भूमिका भी खंगाली जा सकती है।
इस घटना के बाद जयपुर जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान की विभिन्न जेलों से मोबाइल फोन, सोशल मीडिया संचालन और गैंगस्टर गतिविधियों के कई मामले सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जेलों में तकनीकी निगरानी और सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है।
सोशल मीडिया पर गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा देने वाले वीडियो को लेकर भी पुलिस सख्त नजर आ रही है। हाल के महीनों में राजस्थान पुलिस ने कई ऐसे अकाउंट्स पर कार्रवाई की है जिनके जरिए अपराधी अपनी दबंग छवि बनाने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अपराध और धमकी से जुड़ी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में आईटी एक्ट और अन्य धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आरोपी ने जेल के अंदर रहते हुए वीडियो बनाया और बाहर आते ही उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इससे जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते डिजिटल नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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