राजस्थान: के दौसा जिले से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां श्मशान घाट का रास्ता बंद होने पर ग्रामीणों ने मृतक का शव लेकर सीधे SDM ऑफिस पहुंचकर प्रदर्शन किया। यह घटना सिकराय उपखंड क्षेत्र के कालवान गांव स्थित प्रजापतों की ढाणी की है, जहां एक बुजुर्ग की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया।
जानकारी के अनुसार, प्रजापतों की ढाणी निवासी 60 वर्षीय गिरिराज प्रजापत की रविवार को करंट लगने से मौत हो गई थी। परिवार और ग्रामीण सोमवार दोपहर अंतिम संस्कार के लिए शव को श्मशान घाट ले जा रहे थे, लेकिन वहां पहुंचने से पहले रास्ता बंद मिला। रास्ते पर कथित अतिक्रमण होने के कारण एंबुलेंस आगे नहीं जा सकी और अंतिम संस्कार रुक गया।
इस घटना से ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई। गुस्साए परिजन और ग्रामीण शव को एंबुलेंस में रखकर करीब 3 बजे सिकराय SDM ऑफिस पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। SDM कार्यालय के बाहर ग्रामीणों ने धरना देकर आरोप लगाया कि लंबे समय से श्मशान घाट के रास्ते का विवाद बना हुआ है, लेकिन प्रशासन स्थाई समाधान निकालने में विफल रहा है।
मृतक के भतीजे सचिन ने बताया कि यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले भी कई बार ग्रामीण प्रशासन को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि जिस जमीन पर रास्ता बना हुआ है वह सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है, इसके बावजूद एक पक्ष ने उस पर कब्जा कर रखा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण के कारण उन्हें श्मशान घाट तक पहुंचने में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील परिस्थितियों में भी रास्ता बंद कर दिया जाता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिकराय SDM नवनीत कुमार ने तुरंत अधिकारियों को मौके पर भेजा। उनके निर्देश पर तहसीलदार हेमेंद्र और मानपुर थाना इंचार्ज सतीश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर समझाइश की। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से रास्ते में किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। रास्ता साफ होने के बाद पुलिस की निगरानी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करवाई गई।
मानपुर थाना इंचार्ज सतीश कुमार ने बताया कि श्मशान घाट के रास्ते को लेकर मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में प्रशासन ने दोनों पक्षों को समझाकर अस्थायी रूप से रास्ता खुलवाया है ताकि अंतिम संस्कार कराया जा सके।
हालांकि ग्रामीण प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थाई समाधान नहीं निकाला गया तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार ऐसे विवाद होने से गांव का माहौल खराब हो रहा है और लोगों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर स्थाई रास्ता सुनिश्चित करे।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि दोबारा कोई विवाद उत्पन्न न हो।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों को प्रशासनिक कार्यालय तक शव लेकर जाना पड़ा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन विवाद और अतिक्रमण की समस्याओं की गंभीरता एक बार फिर सामने आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई की होती तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। अब लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस विवाद का स्थाई समाधान निकालेगा ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
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