जयपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब किसानों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने फसल बीमा दावों की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए दिवंगत कृषकों के लंबित क्लेम का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश जारी किए हैं। कृषि विभाग के इस फैसले से हजारों किसान परिवारों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार लगातार किसान हित में कार्य कर रही है और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को मजबूत किया जा रहा है। बदलते मौसम, ओलावृष्टि, चक्रवाती बारिश और कटाई के बाद खेत में रखी फसल खराब होने जैसी परिस्थितियों में यह योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही है।
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि अब तक फसल बीमा योजना में बीमित किसान की मृत्यु होने पर उसके वारिसों को बीमा राशि प्राप्त करने के लिए न्यायालय से उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य था। यह प्रक्रिया काफी जटिल और समय लेने वाली थी। कई मामलों में क्लेम राशि कम होने के कारण किसान परिवार कानूनी प्रक्रिया में रुचि नहीं लेते थे, जिससे हजारों दावे लंबे समय से लंबित पड़े थे।
इस नए निर्देश के अनुसार अब दिवंगत कृषकों के वारिसों को बीमा राशि प्राप्त करने के लिए उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। इससे न केवल प्रक्रिया आसान होगी बल्कि लंबित क्लेम का तेजी से निस्तारण संभव होगा। कृषि विभाग का यह कदम किसानों और उनके परिवारों के लिए वित्तीय राहत का काम करेगा और योजना की विश्वसनीयता बढ़ाएगा।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं और मौसम संबंधी नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने का एक प्रमुख माध्यम है। इस योजना के तहत अब किसानों को बिना लंबी कानूनी प्रक्रियाओं के सीधे लाभ मिलेगा और फसल हा
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