राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के तानाशाहीपूर्ण रवैये को लेकर राजस्थान के सभी शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक शिक्षक भवन, लाल कोठी स्कीम जयपुर में अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तु) के प्रदेश अध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) की ओर से रामगंजमंडी में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से निकाली गई शिक्षक रैली को लेकर शिक्षा मंत्री द्वारा पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई रिपोर्ट की कड़ी निंदा की और एफआईआर वापस लेने की मांग की।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि शिक्षा मंत्री के तानाशाही और नकारात्मक रवैये से राज्य में शिक्षा, शिक्षार्थियों और शिक्षकों को नुकसान पहुंच रहा है। इसके चलते आंदोलन की आगामी रणनीति तय करने के लिए सभी शिक्षक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों की 14 जून को जयपुर में पुनः बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में शिक्षक संघ अरस्तु के रामकृष्ण अग्रवाल, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के अंजनी कुमार शर्मा, राजस्थान अध्यापक संघ टीजीटी के राधा मोहन मीणा, राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद के डॉ. पंकज ओसवाल, शिक्षक पदोन्नति संघर्ष समिति के रूप सिंह मीणा, प्रबोधक संघ के कैलाश दादरवाल, राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत के गिरिराज शर्मा, राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के सियाराम शर्मा, वीरेन्द्र शर्मा एवं हेमंत कुमार जांगिड़ सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
वहीं दूसरी तरफ, भरतपुर में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता हनुमान बेनीवाल की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर की गई टिप्पणी को लेकर भाजपा के जिला प्रवक्ता अनुराग तमरौली ने इसे अशोभनीय बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। अनुराग तमरौली ने कहा कि हनुमान बेनीवाल को नेता कहलाने का अधिकार नहीं है और उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बेनीवाल का कोई जनाधार नहीं बचा है और वे बड़ी नेताओं पर अनर्गल टिप्पणी कर स्वयं को बड़ा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।
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