विश्व प्रसिद्ध राजमंदिर जयपुर 1 जून को अपनी गोल्डन जुबली मना रहा है। इसका उद्घाटन 1 जून 1976 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी ने किया था। वर्ष 1976 में यहां पहली फिल्म ‘चरस’ लगी थी, जिसमें धर्मेन्द्र देओल और हेमा मालिनी मुख्य भूमिका में थे। राजमंदिर के मैनेजर अशोक तंवर और इंचार्ज अंकुर खंडेलवाल ने बताया कि गोल्डन जुबली पर सिने लवर्स को पांच फिल्में मुफ्त दिखाई जाएंगी:
सिने लवर्स ने राजमंदिर से जुड़ी यादें साझा की। वर्ष 1989 में ‘मैंने प्यार किया’ फिल्म देखने के लिए राकेश शर्मा 9 बार गया, लेकिन टिकट नहीं मिली। वर्ष 1977 में ‘अमर अकबर एंथोनी’ फिल्म देखने गए दुर्गेश गुरबानी ने बताया कि उन्हें टिकट नहीं मिली, और वह बहुत रोए।
वर्ष 2023 में ‘एवरग्रीन देवानंद म्यूजिक नाइट’ आयोजन में हेमा मालिनी को लाइव देखने का मौका मिला। नवीं कक्षा में अजय भटनागर ने पहली बार ‘नसीब’ फिल्म देखी, जबकि टिकट नहीं मिलने पर रो पड़े। किशोर झा ने ‘राम तेरी गंगा मैली’ 100 दिन पूरे होने पर देखी।
‘चरस’ फिल्म देखने के अनुभव में हरीश शर्मा ने बताया कि टिकट के लिए भीड़ बहुत थी, पुलिस ने घोड़ों पर सवार होकर भीड़ हटाई। बी.के. शर्मा ने ‘प्रेम गीत’ फिल्म बॉक्स केबिन में देखने का अनुभव साझा किया। अनूप और सुमन धारवाल ने पहली बार ‘अनुरोध’ फिल्म देखी और राजमंदिर की खुशबू, भव्य इंटीरियर और माहौल की तारीफ की।
प्रीति अग्रवाल ने बताया कि राजमंदिर जयपुर की शान और यादों का हिस्सा है। सुदीप शर्मा ने 1986 में बड़े भाई के साथ पहली बार राजमंदिर देखा और अब भी महीने में एक बार परिवार के साथ आते हैं।
राजमंदिर न केवल फिल्म देखने की जगह है, बल्कि सिनेमा प्रेमियों के दिलों में भावनाओं और यादों का घर भी है। इसके भव्य माहौल, रंगीन लाइट्स, पर्दे का उठना, हलचल और रोशनी सबकुछ इसे खास बनाते हैं। सिनेमा हॉल की खूबसूरती और यहां बिताए गए पल सिने लवर्स के दिलों में आज भी बसी हुई हैं।
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