परिवाद में बिलपन निवासी गौतम पुत्र कचरा पटेल ने बताया कि वह कनबा गांव में लकड़ी के कारखाने में मजदूरी करता है। आरोपी ओमप्रकाश कलाल ने उसके बेटे दिलीप को नीदरलैंड भेजने और वहां अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके लिए प्रारंभिक 75 हजार रुपए मांगे गए, जो गौतम ने ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। 8 महीने तक कुछ नहीं होने पर आरोपी ने नया पैंतरा बदलते हुए दावा किया कि हांगकांग भेजा जाएगा, इसके लिए 7.5 लाख रुपए और चाहिए। बेटे के भविष्य की खातिर गरीब पिता ने गांव वालों से भारी ब्याज पर यह रकम उधार लेकर आरोपी को सौंप दी।
दिल्लीप को हांगकांग की फ्लाइट में बिठा दिया गया, लेकिन उसे धोखे से वर्क परमिट के बजाय केवल टूरिस्ट वीजा दिया गया। वीजा समाप्त होने के बाद हांगकांग पुलिस ने उसे अवैध रूप से देश में रहने और घुसपैठ के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। विदेशी पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
बेटे की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही पिता गौतमलाल ने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन ठगी का खुलासा होने के डर से आरोपी फरार हो गया। कर्ज और बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित पिता ने अब डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
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