बृजराज मीणा करौली में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत राजेश मीणा का इकलौता पुत्र था। वह कजाकिस्तान की कारागांडा मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र था। वर्ष 2024 में उसने वहां मेडिकल शिक्षा के लिए प्रवेश लिया था और पढ़ाई कर रहा था।
घटना की सूचना मिलने के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कजाकिस्तान से शव को दिल्ली लाया गया, जहां से परिजन उसे लेकर मंगलवार देर शाम गांव सिंघान पहुंचे। बेटे का शव देखते ही मां मिथलेश देवी बेसुध होकर बिलख पड़ीं। घर में मातम का माहौल बन गया। शोक व्यक्त करने पहुंचे ग्रामीण और रिश्तेदार भी भावुक हो उठे।
परिजनों ने बताया कि बृजराज की परीक्षाएं 16 जून तक पूरी होने वाली थीं और इसके बाद वह घर लौटने की तैयारी कर रहा था। परिवार उसके घर आने का इंतजार कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद समाचार आ गया।
बृजराज के पिता उस समय नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रशिक्षण शिविर में थे। उनका फोन बंद होने के कारण घटना की जानकारी उन्हें तुरंत नहीं मिल सकी। बाद में बृजराज के साथी मोहित ने उन्हें हादसे की सूचना दी।
मेधावी छात्र बृजराज की असमय मौत से परिवार, रिश्तेदारों और गांव के लोगों में गहरा शोक है। गांव में हर किसी की जुबान पर उसकी चर्चा है और लोग इस दर्दनाक हादसे को लेकर स्तब्ध हैं।
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