सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला के लिए 5 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी का गठन किया

जयपुर। सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा और इससे जुड़े अहम मुद्दों की जांच के लिए 5 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी का गठन किया है। मुख्य न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने यह आदेश 25 मई को पारित किया। नई कमेटी 31 अगस्त 2026 तक रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सौंपेगी और 7 सितंबर 2026 को सुनवाई होगी।

हाई-पावर कमेटी का गठन अरावली क्षेत्र में पहाड़ों की कटाई, अनियंत्रित खनन और पारिस्थितिकीय नुकसान को रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता के मामलों में कोई भी फैसला विशेषज्ञों की राय के बिना नहीं लिया जा सकता।

मुख्य उद्देश्य:

  1. 500 मीटर की दूरी से संरक्षित क्षेत्र का संरक्षण।
  2. सीमित सीमांकन की वजह से गैर-अरावली क्षेत्रों में अनियंत्रित खनन पर असर।
  3. 100 मीटर से ऊंची पहाड़ियां अगर 500 मीटर से अधिक दूरी पर हैं तो उनका पारिस्थितिकी संबंध।
  4. राजस्थान की 12,081 पहाड़ियों में केवल 1,048 पहाड़ियों की 100 मीटर ऊंचाई मानदंड की जांच।
  5. नई परिभाषा से पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र को कोई नुकसान न पहुंचे।

हाई-पावर कमेटी के सदस्य:

  • पदेन अध्यक्ष: महानिदेशक, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद
  • डॉ. सुभाष आशुतोष (पूर्व महानिदेशक, फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया)
  • डॉ. राजेंद्र कुमार शर्मा (सेवानिवृत्त निदेशक, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया)
  • बृज मोहन सिंह राठौर (पूर्व संयुक्त सचिव, वन मंत्रालय)
  • प्रो. अशोक के. भटनागर (पूर्व प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष वनस्पति विज्ञान, दिल्ली विवि)
  • विशेष आमंत्रित सदस्य: प्रो. जगदीश कृष्णास्वामी (IIHS), प्रो. लक्ष्मीकांत शर्मा (सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा)
  • सदस्य सचिव: भारत सरकार वन मंत्रालय के निदेशक स्तर के अधिकारी

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि कमेटी प्रभावित वर्गों जैसे पर्यावरणविदों, किसानों, खदान श्रमिकों और स्थानीय समुदायों से सुझाव आमंत्रित करे।

टाइमलाइन:

  • 9 मई 2024: प्रारंभिक समिति का गठन
  • 3 अक्टूबर 2025: प्रारंभिक समिति ने रिपोर्ट सौंपी
  • 20 नवंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने दिशा-निर्देश जारी किए
  • 29 दिसंबर 2025: निष्पक्ष विशेषज्ञ राय के लिए हाई-पावर कमेटी की आवश्यकता
  • 26 फरवरी 2026: विशेषज्ञ नाम सुझाने को कहा गया
  • 25 मई 2026: 5 सदस्यीय कमेटी का गठन
  • 31 अगस्त 2026: रिपोर्ट सौंपने की समय सीमा
  • 7 सितंबर 2026: अगली सुनवाई

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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