राजस्थान: के अलवर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां बेटी के साथ छेड़छाड़ की शिकायत करने गए पिता को अपनी जान गंवानी पड़ी। यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।
घटना 22 अप्रैल की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, एक 19 वर्षीय युवती के साथ गांव के कुछ युवकों ने छेड़छाड़ की। जब युवती ने यह बात अपने परिवार को बताई, तो उसके पिता और ताऊ आरोपियों के घर शिकायत करने पहुंचे।
लेकिन वहां न्याय की उम्मीद लेकर गए परिवार को हिंसा का सामना करना पड़ा। आरोपियों और उनके परिवार के लोगों ने मिलकर पिता और ताऊ पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में युवती के पिता गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल पिता को पहले अलवर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें SMS Hospital रेफर किया गया। कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद सोमवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर दिया है।
पीड़िता ने बताया कि 20 अप्रैल को वह अपने पिता के साथ साइकिल ठीक करवाने गई थी। इसी दौरान चार युवक वहां पहुंचे और उससे जबरन दोस्ती करने की बात करने लगे। मना करने पर उन्होंने अश्लील बातें कीं और मोबाइल फोन देने का लालच देकर दबाव बनाया।
पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने धमकी दी कि अगर उसने उनकी बात नहीं मानी तो उसे गांव में बदनाम कर देंगे। डर के कारण उसने उस समय यह बात किसी को नहीं बताई।
लेकिन 21 अप्रैल को जब वह जंगल में शौच के लिए गई, तो आरोपी वहां भी पहुंच गए। उन्होंने उसे घेर लिया और छेड़छाड़ की। किसी तरह शोर मचाकर वह बची और घर पहुंचकर परिवार को पूरी घटना बताई।
परिवार ने अगले ही दिन आरोपियों के घर जाकर शिकायत करने का फैसला किया। लेकिन वहां बातचीत की जगह हिंसा ने ले ली। आरोपियों के परिवार ने मिलकर पिता और ताऊ पर हमला कर दिया।
हमले में पिता को गंभीर चोटें आईं, जो बाद में उनकी मौत का कारण बनीं।
मामले में पुलिस ने 22 अप्रैल को ही एफआईआर दर्ज कर ली थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। पीड़िता को पहले धमकाया गया, फिर छेड़छाड़ की गई और जब परिवार ने आवाज उठाई, तो उन्हें हिंसा का सामना करना पड़ा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है कि पीड़ितों को सुरक्षा और न्याय मिले।
अलवर की यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के सामने एक कड़वा सच भी है। जब शिकायत करने पर ही जान चली जाए, तो यह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आरोपियों को कब तक गिरफ्तार किया जाता है और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलता है।
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