पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना सोमवार सुबह शुरू होते ही राज्य का राजनीतिक माहौल गरमा गया। 293 विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती जारी है, जबकि फालता सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान होना है। शुरुआती रुझानों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।
सबसे ज्यादा नजरें भवानीपुर सीट पर टिकी हुई हैं, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं। मतगणना शुरू होने से पहले ही भवानीपुर के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित काउंटिंग सेंटर के बाहर TMC और भाजपा एजेंटों के बीच तीखी बहस और झड़प हो गई। मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने स्थिति को संभाला।
सुबह पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू हुई, जिसके बाद EVM की काउंटिंग प्रारंभ की गई। शुरुआती रुझानों में TMC 15 सीटों पर और भाजपा 10 सीटों पर बढ़त बनाती दिखी। कुछ देर बाद आंकड़ों में बदलाव हुआ और TMC 10 जबकि भाजपा 7 सीटों पर आगे दिखाई दी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुरुआती रुझान भले ही सीमित हों, लेकिन मुकाबला बेहद रोमांचक रहने वाला है। यह चुनाव तय करेगा कि ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में लौटेंगी या भाजपा पहली बार बंगाल में सरकार बनाने का इतिहास रचेगी।

भवानीपुर सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित सीट मानी जा रही है। यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के मजबूत चेहरे सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर है। मतगणना केंद्र के बाहर सुबह से ही दोनों दलों के समर्थकों की भारी भीड़ जमा रही।
सुबह करीब 6:30 बजे TMC और भाजपा एजेंटों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि सुरक्षाबलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। हालांकि स्थिति जल्द नियंत्रण में ले ली गई, लेकिन इससे राजनीतिक तनाव साफ दिखाई दिया।
मतगणना के बीच TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल के चार स्ट्रॉन्गरूम के CCTV कैमरे रात में करीब 2 मिनट 16 सेकंड के लिए बंद हो गए थे।
उनके मुताबिक कृष्णानगर उत्तर, छपरा, कलिगंज और नकाशिपारा विधानसभा क्षेत्रों के स्ट्रॉन्गरूम में यह तकनीकी गड़बड़ी हुई। विपक्ष ने इसे चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने की कोशिश बताया, जबकि चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत बताया है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि सभी मतगणना केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। CAPF की 200 कंपनियां पूरे राज्य में तैनात हैं।
उन्होंने बताया कि मतगणना एजेंटों और अधिकारियों को पहले ही कई चरणों में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। QR कोड स्कैनिंग के जरिए कर्मचारियों की एंट्री कराई जा रही है ताकि सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो।
कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम और मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के बाहर भी भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में चुनावी नतीजों से पहले ही जश्न की तैयारी शुरू हो गई है। पार्टी कार्यालय में पूरी और मिठाइयां बननी शुरू हो गई हैं। भाजपा नेताओं का दावा है कि बंगाल में इस बार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा।
आसनसोल साउथ से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “बंगाल में सुनामी आने वाली है। जनता ने भारी मतदान करके परिवर्तन का संकेत दे दिया है।”
चुनाव नतीजों से पहले आए एग्जिट पोल्स में भी बंगाल को लेकर दिलचस्प तस्वीर सामने आई। 8 एग्जिट पोल में से 6 ने भाजपा की सरकार बनने का दावा किया, जबकि 2 ने TMC की वापसी की संभावना जताई।
हालांकि बंगाल की राजनीति में एग्जिट पोल अक्सर गलत साबित होते रहे हैं, इसलिए सभी की निगाहें अब वास्तविक नतीजों पर टिकी हैं।
बंगाल चुनाव परिणाम केवल राज्य की राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी बेहद अहम माने जा रहे हैं। अगर ममता बनर्जी फिर सत्ता में लौटती हैं तो उनका राष्ट्रीय कद और मजबूत होगा, वहीं भाजपा की जीत पार्टी के लिए पूर्वी भारत में बड़ी सफलता साबित हो सकती है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के साथ ही राज्य का राजनीतिक माहौल बेहद गर्म हो गया है। भवानीपुर सीट पर झड़प, शुरुआती रुझानों में कांटे की टक्कर और सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह चुनाव देश की राजनीति की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। अब सबकी नजर अंतिम नतीजों पर टिकी है।
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