भारत: और वियतनाम के संबंधों में बुधवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक की। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच 13 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
बैठक के बाद आयोजित साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और वियतनाम के संबंध अब “आधुनिक व्यापक रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक पहुंच चुके हैं। उन्होंने दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूत बताते हुए भविष्य में सहयोग और बढ़ाने का भरोसा जताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 16 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, पर्यटन और सांस्कृतिक संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि एक दशक पहले वियतनाम की यात्रा के दौरान भारत और वियतनाम के रिश्तों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिला था और अब यह साझेदारी और अधिक आधुनिक एवं व्यापक रूप ले रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और वियतनाम की साझा सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले साल भारत से भेजे गए पवित्र बौद्ध अवशेषों के दर्शन वियतनाम में डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों ने किए थे।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारत और वियतनाम मिलकर चंपा सभ्यता की प्राचीन पांडुलिपियों को डिजिटल रूप से सुरक्षित करेंगे ताकि आने वाली पीढ़ियों तक यह विरासत पहुंच सके।

वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति और तकनीकी विकास की भी सराहना की।
तो लाम ने अपने भारत दौरे की शुरुआत बिहार के बोधगया से की, जहां उन्होंने महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसे दोनों देशों की साझा आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक माना जा रहा है।
भारत और वियतनाम के बीच हुए 13 समझौतों में डिजिटल पेमेंट, स्वास्थ्य, संस्कृति, पर्यटन, शिक्षा और तकनीक जैसे कई अहम क्षेत्र शामिल हैं।
इनमें भारतीय रिजर्व बैंक और वियतनाम के स्टेट बैंक के बीच डिजिटल भुगतान प्रणाली में सहयोग, चिकित्सा उत्पादों के विनियमन पर समझौता, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम प्रमुख हैं।
इसके अलावा NPCI इंटरनेशनल और वियतनाम की पेमेंट एजेंसी NAPAS के बीच भी समझौता हुआ है, जिससे दोनों देशों के बीच डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नालंदा यूनिवर्सिटी और हो ची मिन्ह नेशनल एकेडमी ऑफ पॉलिटिक्स के बीच समझौता किया गया।
वहीं भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) और वियतनाम की यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड एजुकेशन के बीच ‘ICCR चेयर ऑफ इंडिया स्टडीज’ की स्थापना को लेकर भी समझौता हुआ।
अपने भारत दौरे के दौरान राष्ट्रपति तो लाम मुंबई भी जाएंगे। वहां वह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में आयोजित बिजनेस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत और वियतनाम अपनी रणनीतिक साझेदारी के 10 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।
इससे पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति तो लाम का औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान बच्चों ने पारंपरिक पोशाक पहनकर दोनों देशों के झंडे लहराए।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी राष्ट्रपति तो लाम से मुलाकात कर सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा की।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और वियतनाम के बीच बढ़ती साझेदारी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच बेहद अहम मानी जा रही है। दोनों देश रक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की मुलाकात ने भारत-वियतनाम संबंधों को नई ऊंचाई दी है। 13 अहम समझौतों के जरिए दोनों देशों ने व्यापार, संस्कृति, डिजिटल तकनीक और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का बड़ा संदेश दिया है।
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