राजस्थान: की राजधानी जयपुर में ATM कार्ड बदलकर लोगों को ठगने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। झोटवाड़ा थाना पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक ऐसा बदमाश भी शामिल है, जो डीग जिले में हत्या के मामले में पिछले दो साल से फरार चल रहा था और उस पर इनाम घोषित था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी जयपुर में फरारी काटने आया था, लेकिन यहां उसने नए साथियों के साथ मिलकर “SVS” नाम से गैंग बना ली और ATM कार्ड बदलकर लोगों को ठगने लगा। यह गैंग खासतौर पर बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाती थी।
डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया कि 26 अप्रैल को झोटवाड़ा इलाके के एक ATM बूथ में ठगी की वारदात हुई थी। एक बुजुर्ग व्यक्ति पैसे निकालने ATM पहुंचे थे। इसी दौरान आरोपियों ने मदद के बहाने उनका ATM कार्ड बदल लिया और बाद में खाते से रुपए निकाल लिए।
घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों का रूट चार्ट तैयार किया और लगातार निगरानी के बाद तीनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू वैष्णव, विरेंद्र सिंह और सद्दाम के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि तीनों आरोपियों ने अपने नाम के पहले अक्षरों को जोड़कर “SVS” नाम की गैंग बनाई थी। यह गैंग जयपुर के अलग-अलग इलाकों में ATM बूथों के बाहर सक्रिय रहती थी।
गैंग का तरीका बेहद शातिराना था। आरोपी ATM में पैसे निकालने आए लोगों की मदद करने का नाटक करते थे। इसी दौरान वे बड़ी सफाई से कार्ड बदल देते थे। बाद में PIN नंबर की जानकारी हासिल कर खाते से पैसे निकाल लेते थे।
पुलिस का कहना है कि गैंग ने कई लोगों को इसी तरीके से अपना शिकार बनाया हो सकता है। अब पुलिस पुराने मामलों की भी जांच कर रही है।
पुलिस की सख्त पूछताछ में सबसे बड़ा खुलासा गैंग के मास्टरमाइंड सोनू वैष्णव को लेकर हुआ। जांच में सामने आया कि सोनू डीग जिले के कुम्हेर थाना इलाके में हत्या के मामले में वांटेड है।
सोनू ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2024 में जमीन विवाद को लेकर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फायरिंग की थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। हत्या के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था।
डीग पुलिस ने उस पर 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा और आखिरकार जयपुर पहुंच गया।
जयपुर आने के बाद सोनू ने यहां नए लोगों से संपर्क बढ़ाया और ATM कार्ड बदलकर ठगी करने की योजना बनाई। धीरे-धीरे उसने अपनी गैंग तैयार कर ली और शहर के अलग-अलग ATM बूथों पर वारदातें करने लगा।
पुलिस के अनुसार आरोपी बेहद चालाक थे और वारदात के तुरंत बाद इलाके से गायब हो जाते थे। वे CCTV कैमरों से बचने के लिए बार-बार कपड़े और लोकेशन बदलते थे।
झोटवाड़ा थाना पुलिस फिलहाल तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गैंग ने अब तक कितने लोगों को ठगा है और इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
इसके अलावा डीग पुलिस को भी आरोपी सोनू वैष्णव की गिरफ्तारी की सूचना दे दी गई है। संभावना जताई जा रही है कि हत्या मामले में भी उससे जल्द पूछताछ की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ATM बूथ में किसी अनजान व्यक्ति से मदद न लें। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति आसपास दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
इसके अलावा ATM इस्तेमाल करते समय PIN नंबर छिपाकर डालें और कार्ड बदलने जैसी किसी भी गतिविधि पर सतर्क रहें।
जयपुर में ATM कार्ड बदलकर ठगी करने वाली SVS गैंग का खुलासा पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि गैंग का मास्टरमाइंड हत्या का फरार आरोपी निकला, जो जयपुर में छिपकर नए अपराधों को अंजाम दे रहा था। यह मामला न सिर्फ बढ़ते ATM फ्रॉड बल्कि फरार अपराधियों के नेटवर्क की गंभीर तस्वीर भी सामने लाता है। पुलिस अब गैंग के बाकी कनेक्शन और अन्य वारदातों की जांच में जुटी हुई है।
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