राजस्थान: के बूंदी जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पंचायत और सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है।
मामला केशोरायपाटन पंचायत समिति की सखावदा ग्राम पंचायत का है, जहां तैनात ग्राम विकास अधिकारी सतवीर सिंह कुमावत पर सरकारी योजनाओं के बिल पास करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था।
ACB की स्पेशल यूनिट कोटा ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर आरोपी अधिकारी को पकड़ लिया।
जानकारी के अनुसार परिवादी ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांव में सफाई और नाली निर्माण जैसे विकास कार्य कराए थे।
इन कार्यों के लगभग डेढ़ लाख रुपए के बिल बकाया थे। आरोप है कि बिल पास होने के बावजूद ग्राम विकास अधिकारी भुगतान जारी करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा था।
इतना ही नहीं, आरोपी भविष्य में अन्य सरकारी योजनाओं के कार्यों में बाधा न डालने और परेशान न करने के बदले भी “कमीशन” मांग रहा था।
लगातार रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने 5 मई 2026 को कोटा स्थित ACB कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
परिवादी ने अधिकारियों को बताया कि ग्राम विकास अधिकारी बिना रिश्वत लिए भुगतान जारी नहीं कर रहा और सरकारी काम रोकने की धमकी दे रहा है।
ACB ने शिकायत मिलने के बाद मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की योजना बनाई गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा के नेतृत्व में ACB टीम ने ट्रैप ऑपरेशन की तैयारी की।
योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर आरोपी अधिकारी के पास भेजा गया।
जैसे ही ग्राम विकास अधिकारी सतवीर सिंह कुमावत ने 25 हजार रुपए रिश्वत के तौर पर लिए, उसी समय ACB टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
अचानक हुई इस कार्रवाई से पंचायत समिति परिसर में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद कर्मचारियों और लोगों में हड़कंप की स्थिति बन गई।
ACB की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपी अधिकारी के ठिकानों पर तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी की आय के स्रोत क्या हैं और कहीं उसने अन्य लोगों से भी अवैध वसूली तो नहीं की।
सूत्रों के मुताबिक आरोपी अधिकारी की कार्यशैली को लेकर पहले से ही क्षेत्र में चर्चाएं थीं।
राजस्थान सरकार लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति की बात करती रही है।
हाल के महीनों में ACB ने कई सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत स्तर पर होने वाला भ्रष्टाचार ग्रामीण विकास योजनाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है, क्योंकि इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मामले की खूब चर्चा हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए अक्सर अधिकारियों को रिश्वत देनी पड़ती है। ऐसे में ACB की कार्रवाई से लोगों में उम्मीद जगी है कि भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकती है।
ACB ने आरोपी ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
अब आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है ताकि रिश्वतखोरी जैसे मामलों पर रोक लगाई जा सके।
सरकारी योजनाओं के भुगतान और स्वीकृति प्रक्रिया में तकनीकी निगरानी बढ़ाने से भ्रष्टाचार कम किया जा सकता है।
बूंदी जिले में ग्राम विकास अधिकारी की रिश्वत लेते गिरफ्तारी ने एक बार फिर पंचायत स्तर पर फैले भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है। ACB की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि आरोपी के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.