राजस्थान: के हनुमानगढ़ जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर करोड़ों रुपए के घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने गुरुवार को पल्लू स्थित SBI बैंक शाखा का औचक निरीक्षण किया, जहां जांच के दौरान 9 करोड़ रुपए के फर्जी फसल बीमा क्लेम की साजिश सामने आई।
मंत्री के अचानक बैंक पहुंचने से अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जांच में खुलासा हुआ कि 66 फर्जी किसानों के नाम पर बैंक खाते खोलकर करोड़ों रुपए हड़पने की तैयारी की जा रही थी।
जांच के दौरान सामने आया कि बैंक में 66 ऐसे खाते खोले गए थे, जिन्हें किसानों के नाम पर संचालित किया जा रहा था।
इन खातों में संबंधित लोगों को कागजों में ऋणी किसान यानी कर्जदार दिखाया गया, ताकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भारी भरकम बीमा क्लेम लिया जा सके।
सूत्रों के मुताबिक लगभग 9 करोड़ रुपए का क्लेम तैयार किया जा चुका था और यह राशि इसी सप्ताह निकाले जाने की तैयारी थी।
हालांकि, मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के औचक निरीक्षण ने पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया।
बताया जा रहा है कि कृषि मंत्री अचानक बैंक शाखा पहुंचे और वहां रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी।
इस दौरान कई दस्तावेजों और खातों में गड़बड़ियां सामने आईं।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, अधिकारियों के चेहरे पर तनाव साफ नजर आने लगा। बैंक और संबंधित विभाग के कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मामले पर नाराजगी जताते हुए कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा—
“यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि देश के अन्नदाता के साथ विश्वासघात है। किसानों के नाम पर इस तरह की लूट बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने कहा कि जिस किसान के पसीने से देश चलता है, उसके हक पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।
मंत्री ने मौके पर ही पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घोटाले में शामिल हर व्यक्ति की पहचान की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां अब बैंक रिकॉर्ड, खाताधारकों की जानकारी और बीमा क्लेम से जुड़े दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही हैं।
किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के अधिकारों को लेकर पूरी तरह सजग है।
उन्होंने कहा—
“अन्नदाता के हक को छीनने वालों के लिए व्यवस्था में कोई जगह नहीं है। दोषियों को ऐसी सजा मिलेगी जो मिसाल बनेगी।”
उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा अक्सर अपने सख्त और एक्शन वाले अंदाज को लेकर चर्चा में रहते हैं।
इससे पहले भी वे कई विभागों में अचानक निरीक्षण कर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का खुलासा कर चुके हैं।
उनकी छवि एक ऐसे नेता की रही है जो सीधे मौके पर पहुंचकर जांच करते हैं।
इस घटना के बाद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते इस तरह के फर्जीवाड़े पकड़े नहीं जाएं तो वास्तविक किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान से सुरक्षा देना है, लेकिन भ्रष्ट तत्व इसका गलत फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
घोटाले में बैंकिंग सिस्टम की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इतनी बड़ी संख्या में फर्जी खाते खुलना और करोड़ों का क्लेम तैयार होना बिना अंदरूनी मिलीभगत के संभव नहीं माना जा रहा।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था।
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