राजस्थान: की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब गहलोत सरकार में जलदाय मंत्री रहे महेश जोशी को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पूर्व मंत्री का एक बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा—
“अगर मैं खुद को निर्दोष साबित नहीं कर सका, तो मैं ऐसा कुछ करूंगा कि मेरे से किसी को कोई शिकायत नहीं होगी।”
उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है।
महेश जोशी की गिरफ्तारी कथित 979.45 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले से जुड़ी है।
ACB ने करीब 6 महीने पहले इस मामले में FIR दर्ज की थी और जांच के बाद गुरुवार सुबह कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री को हिरासत में ले लिया।
बताया जा रहा है कि घोटाले में सरकारी परियोजनाओं और टेंडर प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
जब ACB अधिकारी महेश जोशी को कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रहे थे, तब उन्होंने मीडिया से बातचीत में खुद को निर्दोष बताया।
उन्होंने कहा—
“सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं हो सकता। मैं सच्चा हूं, लेकिन फिलहाल गिरफ्तारी से परेशान हूं क्योंकि यह कोई शाबाशी की बात नहीं है।”
उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
महेश जोशी ने अपनी गिरफ्तारी को निजी दुख से जोड़ते हुए भावुक टिप्पणी भी की।
उन्होंने कहा—
“आज मेरी शादी की सालगिरह है। सरकार ने मुझे गिरफ्तार करके मेरी पत्नी को श्रद्धांजलि दी है।”
इस बयान के बाद माहौल और भावुक हो गया।
महेश जोशी की पत्नी कोशल देवी का 28 अप्रैल 2025 को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।
वे किडनी समेत कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं और ब्रेन हेमरेज के बाद अस्पताल में भर्ती थीं।
बताया जाता है कि उनके निधन से एक दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट से अनुमति लेकर अस्पताल में महेश जोशी की मुलाकात पत्नी से करवाई थी।
उस दौरान उन्हें 7 दिन की परोल भी मिली थी।
महेश जोशी ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के खिलाफ उन्होंने मंत्री रहते कार्रवाई की थी, अब उन्हीं लोगों के बयानों के आधार पर उन्हें फंसाया जा रहा है।
उन्होंने कहा—
“मुझे आज तक ACB की तरफ से कोई नोटिस नहीं मिला। सत्ता में रहते हुए जिन लोगों पर कार्रवाई की, उन्हीं के बयान लेकर मेरे खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है।”
हालांकि उन्होंने केस के तकनीकी पहलुओं पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
यह पहला मौका नहीं है जब महेश जोशी जांच एजेंसियों के शिकंजे में आए हों।
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें इसी मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था।
करीब 7 महीने जेल में रहने के बाद 3 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला पलटते हुए उन्हें जमानत दी थी।
लेकिन अब ACB की कार्रवाई के बाद वे फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं।
पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान की राजनीति भी गरमा गई है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है, जबकि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का दावा कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में राजस्थान की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
महेश जोशी के बयान पर सोशल media पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कुछ लोग इसे भावुक प्रतिक्रिया बता रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स इसे राजनीतिक ड्रामा कह रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक ACB और ED दोनों एजेंसियां मामले में दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच कर रही हैं।
आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी ने राजस्थान की राजनीति में हलचल मचा दी है। गिरफ्तारी के बाद दिया गया उनका भावुक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अब सभी की नजर इस मामले की जांच और अदालत की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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