पश्चिम बंगाल: की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक संदेश देखने को मिला, जब भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में शुभेंदु अधिकारी को राज्य के अगले मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में चुना गया। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर मौजूद रहे। लेकिन इस बैठक की सबसे ज्यादा चर्चा अमित शाह के उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला।
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस अब चुनाव जीतने की उम्मीद छोड़ चुकी है और इसी वजह से वह चुनावी प्रक्रिया को ही कटघरे में खड़ा करने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी हार छिपाने के लिए कभी EVM, कभी वोटर लिस्ट और कभी वोट चोरी जैसे मुद्दे उठाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
अमित शाह ने अपने भाषण में कई राज्यों के नाम गिनाते हुए कहा कि अगर कांग्रेस हर हार को वोट चोरी कहती है, तो उसे यह भी बताना चाहिए कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, गुजरात और बिहार जैसे राज्यों में वह दशकों से सत्ता से बाहर क्यों है।
उन्होंने कहा—
“तमिलनाडु में 1967 से कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री नहीं बना। पश्चिम बंगाल में 49 साल से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। सिक्किम में 42 साल, बिहार में 36 साल, गुजरात में 30 साल और ओडिशा में 26 साल से कांग्रेस का मुख्यमंत्री नहीं बना। क्या यह सब भी वोट चोरी है?”
शाह ने आगे कहा कि अगर कांग्रेस इन हारों को भी चुनावी धांधली मानती है, तो फिर उसके सहयोगी दल भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “वोट चोरी करने वाले तो आपके साथ ही बैठे हैं।”

गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार कमजोर होती जा रही है और देश की जनता अब कांग्रेस को स्वीकार नहीं कर रही।
उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन “इंडी अलायंस” भी टूटने की कगार पर पहुंच चुका है। शाह ने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करने की जरूरत है, क्योंकि जनता हर चुनाव में उसे नकार रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अमित शाह का यह बयान सिर्फ कांग्रेस पर हमला नहीं बल्कि 2026 के चुनावी माहौल की शुरुआत भी है। भाजपा अब विपक्ष को सीधे तौर पर घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।
बैठक के दौरान अमित शाह ने भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराकर शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव किया था।
शाह ने कहा—
“दीदी ने कहा था कि मैं उनके गढ़ में लड़ने चली गई, लेकिन इस बार शुभेंदु दा ने आपको आपके घर में हराया है।”
उन्होंने भवानीपुर और नंदीग्राम की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि बंगाल में भाजपा का जनाधार तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले समय में पार्टी राज्य में मजबूत सरकार बनाएगी।
हालांकि अमित शाह के बयान पर कांग्रेस की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पार्टी के कई नेताओं ने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा विपक्ष की आवाज दबाने के लिए एजेंसियों और राजनीतिक बयानबाजी का इस्तेमाल कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, आने वाले महीनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है, क्योंकि लोकसभा चुनाव के बाद अब सभी पार्टियां राज्य चुनावों की तैयारी में जुट गई हैं।
शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर सामने लाने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। भाजपा अब ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाने जा रही है। वहीं कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस दोनों के लिए भाजपा की बढ़ती ताकत चिंता का कारण बन सकती है।
राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि अमित शाह का यह दौरा और बयान साफ संकेत है कि भाजपा बंगाल में सत्ता हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंकने वाली है।
पश्चिम बंगाल की भाजपा बैठक में अमित शाह ने सिर्फ शुभेंदु अधिकारी को समर्थन नहीं दिया, बल्कि कांग्रेस और राहुल गांधी पर बड़ा राजनीतिक हमला भी बोला। कई राज्यों के उदाहरण देकर शाह ने कांग्रेस की कमजोर होती स्थिति को उजागर करने की कोशिश की। आने वाले चुनावों में यह बयान राजनीतिक माहौल को और गरमाने वाला साबित हो सकता है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.