राजस्थान: के दौसा जिले में सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। सिकराय ब्लॉक में अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (ACBEO) महेंद्र कसाना द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में अलग-अलग स्कूलों से कुल 20 शिक्षक और कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
निरीक्षण के दौरान न केवल शिक्षकों की अनुपस्थिति सामने आई, बल्कि कई स्कूलों में प्रशासनिक लापरवाही भी देखने को मिली। उपस्थिति रजिस्टर अधूरे मिले और रिकॉर्ड अपडेट नहीं था। एसीबीईओ ने इस पर नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा है और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय काली डूंगरी बहरावंडा में 6 में से 5 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इसी प्रकार राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बाढ़ बहरावंडा में 6 में से 4 कर्मचारी स्कूल से गायब थे।
सबसे ज्यादा लापरवाही राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जोध्या में सामने आई, जहां 13 में से 7 कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मौहलाई में भी 5 में से 3 कर्मचारी गैरहाजिर मिले।
निरीक्षण के दौरान मिड-डे मील और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया। कई जगह व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं मिलीं।
एक साथ इतने शिक्षकों की अनुपस्थिति ने सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पहले से ही शिक्षकों की कमी है, ऊपर से कर्मचारियों की गैरहाजिरी बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित कर रही है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो।
दौसा जिले में 9 मई को वर्ष 2026 की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस लोक अदालत में हजारों मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
जिला एवं सेशन न्यायाधीश केशव कौशिक के निर्देशन में जिलेभर में कुल 10 लोक अदालत बैंचों का गठन किया गया है। इनमें दौसा मुख्यालय पर 3 और लालसोट, बांदीकुई, महवा व सिकराय में 7 बैंच बनाई गई हैं।
प्राधिकरण के सचिव संतोष अग्रवाल ने बताया कि इस लोक अदालत में 4917 न्यायालयीन और 8153 प्रि-लिटिगेशन मामलों सहित कुल 13,070 प्रकरणों को चिन्हित किया गया है।
इन मामलों में फौजदारी, बैंक रिकवरी, पारिवारिक विवाद, बिजली-पानी बिल, राजस्व और मोटर दुर्घटना दावे जैसे मामले शामिल हैं। पक्षकार आपसी सहमति से मामलों का समाधान कर सकते हैं।
दौसा जिला परिषद सभागार में गुरुवार को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) नियम-2026 को लेकर जिला परिषद सदस्यों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता जिला प्रमुख हीरालाल सैनी ने की। जिला परिषद के सीईओ बिरदी चंद गंगवाल ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और नए नियमों की जानकारी देते हुए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन को प्रभावी तरीके से लागू करना समय की जरूरत है। बैठक में कई जनप्रतिनिधियों ने भी सुझाव दिए।
राज्य सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से चल रहे ग्राम रथ अभियान के तहत 9 मई को जिले की कई ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित होंगे।
दौसा, लालसोट, बांदीकुई, सिकराय और महवा विधानसभा क्षेत्रों की विभिन्न पंचायतों में जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें सरकारी योजनाओं की जानकारी, लाभार्थियों से संवाद और विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी।
भीषण गर्मी के बीच हिन्दुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स दौसा ने सामाजिक सरोकार का अनूठा उदाहरण पेश किया। संस्था द्वारा ‘नर सेवा नारायण सेवा’ अभियान के तहत राजकीय पीजी कॉलेज में पक्षियों के लिए पानी के परिंडे लगाए गए।
कॉलेज प्राचार्य प्रो. लालाराम मीणा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना मानवता का बड़ा संदेश है।
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