पश्चिम बंगाल: की राजनीति में 9 मई 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है और भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। कोलकाता का प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।
राजनीतिक हलकों में इस शपथ ग्रहण समारोह को केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की दशकों पुरानी राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। नंदीग्राम और भवानीपुर जैसे हाई-प्रोफाइल मुकाबलों में ममता बनर्जी को चुनौती देने वाले शुभेंदु अधिकारी अब राज्य की कमान संभालेंगे।
समारोह में शामिल होने के लिए सुबह से ही हजारों भाजपा समर्थक और कार्यकर्ता ब्रिगेड ग्राउंड पहुंचने लगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि समारोह में करीब 50 हजार लोग शामिल हो सकते हैं। पूरे मैदान को भगवा रंग से सजाया गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समारोह में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंचे। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में उनका रोड शो भी आयोजित किया गया, जहां उन्होंने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। पीएम मोदी के पहुंचते ही पूरे मैदान में “मोदी-मोदी” और “जय श्रीराम” के नारे गूंज उठे।

समारोह का एक बेहद भावुक और चर्चित क्षण तब देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के सबसे पुराने कार्यकर्ताओं में से एक 98 वर्षीय माखनलाल सरकार का अभिनंदन किया और मंच पर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। माखनलाल सरकार वही वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं, जो 1952 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार हुए थे। पीएम मोदी का यह भावुक अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
शपथ ग्रहण समारोह शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी और शुभेंदु अधिकारी ने मंच पर रखी गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। भाजपा ने इस कार्यक्रम के जरिए बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने का संदेश भी देने की कोशिश की।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा समेत कई वरिष्ठ एनडीए नेता मौजूद रहे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी समारोह में शामिल होने पहुंचे।
एकनाथ शिंदे ने कोलकाता पहुंचने पर कहा कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बन रही है और जनता बदलाव चाहती थी। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” बंगाल के विकास को नई दिशा देगी।
सूत्रों के अनुसार शुभेंदु अधिकारी के साथ चार और विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। हालांकि अंतिम सूची को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। माना जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल का गठन करेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनना राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा संदेश देता है। लंबे समय तक वामपंथ और फिर तृणमूल कांग्रेस के गढ़ रहे पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत को पार्टी की बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है।
शुभेंदु अधिकारी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती राज्य में कानून व्यवस्था, औद्योगिक निवेश, रोजगार और राजनीतिक हिंसा जैसे मुद्दों पर काम करना होगी। भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और प्रशासनिक सुधार को प्रमुख मुद्दा बनाया था। अब जनता की नजर नई सरकार के फैसलों पर रहेगी।
पूरा देश इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह पर नजर बनाए हुए है और बंगाल की राजनीति एक नए अध्याय की शुरुआत की ओर बढ़ रही है।
पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार का गठन भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना केवल एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि बंगाल की सत्ता संरचना में ऐतिहासिक परिवर्तन का संकेत है। अब सबकी निगाहें नई सरकार की नीतियों और फैसलों पर टिकी हैं।
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