सीकर। शिक्षानगरी सीकर के मास्टर प्लान को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा और पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा के बीच इस मुद्दे पर तीखी बयानबाजी देखने को मिली। यूडीएच मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मास्टर प्लान का विरोध केवल कांग्रेस नेताओं और भूमाफियाओं को हो रहा है, जबकि भाजपा सरकार पिछली सरकार की गलतियों को सुधारने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मास्टर प्लान पर विभागीय टीम तेजी से काम कर रही है।
वहीं दूसरी ओर पीसीसी चीफ डोटासरा ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि मास्टर प्लान जनता के हित में नहीं है तो सरकार इसे निरस्त क्यों नहीं कर देती। उन्होंने आरोप लगाया कि मास्टर प्लान को लेकर सरकार पहले एक साल तक इसे रोके रही और बाद में जनता के विरोध के बाद कांग्रेस पर दोष मढ़ा जा रहा है।
मास्टर प्लान विवाद के बीच दोनों नेताओं ने नीट परीक्षा और शहरी विकास से जुड़े मुद्दों पर भी एक-दूसरे पर निशाना साधा। यूडीएच मंत्री ने कहा कि यूआइटी द्वारा विकसित की जाने वाली नई कॉलोनियों को जल्द मंजूरी दी जाएगी और सफाई कर्मचारियों की भर्ती अक्टूबर में नए सिरे से की जाएगी।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सीकर को नगर निगम बनाने और विकास योजनाओं को लेकर केवल वादे किए हैं, जबकि जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार आने पर सीकर को संभाग और नए जिलों का दर्जा देने सहित सभी लंबित मांगें पूरी की जाएंगी
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