19 जुलाई 2009 को राजस्थान के पाली जिले के रोहट थाना क्षेत्र स्थित इंद्रको की ढाणी गांव में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया। दोपहर बाद करीब 3:30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि पाली-सरदारसमंद मार्ग के पास खेत में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सहित रोहट थाना पुलिस और ग्रामीण सीओ की टीम मौके पर पहुंची, जहां चारों शव खेत में अलग-अलग जगह खून से लथपथ पड़े मिले। मृतकों के चेहरों पर तेजाब से जलने के निशान थे और शरीर पर धारदार हथियारों के गहरे घाव थे।
मृतकों की पहचान 60 वर्षीय बाबू खान उर्फ उस्मान गनी, उनके भाई शरीफ खान तथा बाबू खान के दोनों बेटे लाल मोहम्मद (28) और साबिर मोहम्मद (25) के रूप में हुई। चारों लोग ट्रैक्टर से अपने खेत में जुताई करने पहुंचे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया।
जांच और चार्जशीट के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड की जड़ 12 बीघा जमीन का विवाद था। बाबू खान और उनके ममेरे भाई शकूर खान के बीच लंबे समय से जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा था। यह जमीन राजस्व रिकॉर्ड में बाबू खान के पिता हकीम खान के नाम दर्ज थी, लेकिन शकूर खान का दावा था कि इसमें से आधी जमीन उसकी मां की हिस्सेदारी है। इस विवाद को लेकर मामला अदालत तक पहुंचा, जहां फैसला बाबू खान और उनके भाई शरीफ खान के पक्ष में आया, लेकिन आरोपी पक्ष इस निर्णय को स्वीकार करने को तैयार नहीं था।
आरोप है कि शकूर खान और उसके चारों बेटे लगातार परिवार को धमकाते रहे और जमीन पर कब्जा छोड़ने का दबाव बनाते रहे। घटना से कुछ दिन पहले भी धमकी दी गई थी कि अगर खेत में कदम रखा गया तो जान से मार दिया जाएगा। बावजूद इसके, 19 जुलाई को बाबू खान अपने परिवार के साथ खेत की जुताई करने पहुंचे।
जैसे ही ट्रैक्टर खेत में दाखिल हुआ, पहले से घात लगाए बैठे आरोपी शकूर खान, उसके बेटे शहाबुद्दीन, उस्मान खान, रहीम बक्स और कालू खान ने अचानक हमला कर दिया। पहले तेजाब से भरी पिचकारियों से चारों पर हमला किया गया, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी आंखें व चेहरा बुरी तरह प्रभावित हुआ। इसके बाद लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया गया।
घायल अवस्था में चारों लोग जान बचाकर भागने लगे, लेकिन आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और ट्रैक्टर से कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल चारों लोग खेत में ही गिर पड़े और तड़पते रहे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों ने अमानवीयता की हद पार करते हुए घायल लोगों के पानी मांगने पर भी उनके मुंह में तेजाब डाल दिया।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश फैल गया। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए, एफएसएल और एमओबी टीम को बुलाकर जांच शुरू की और बाद में चार्जशीट दाखिल की। यह मामला राजस्थान के सबसे क्रूर और संवेदनशील जमीन विवाद हत्याकांडों में से एक माना जाता है, जिसने पारिवारिक विवादों और संपत्ति संघर्ष की भयावहता को उजागर किया।
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