जयपुर/नई दिल्ली। राजस्थान और हरियाणा के बीच बहुप्रतीक्षित यमुना जल परियोजना समझौते पर सहमति बनने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे प्रदेश के जल इतिहास की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। नई दिल्ली स्थित जोधपुर हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि लगभग 30 वर्षों से लंबित यह परियोजना अब साकार होने जा रही है, जिससे विशेष रूप से शेखावाटी सहित जल संकटग्रस्त क्षेत्रों को स्थायी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 34,102 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से लाखों लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। इसके साथ ही भूजल पर निर्भरता कम होगी, जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और कृषि, उद्योग, निवेश, पर्यटन तथा रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
उन्होंने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार आएगा तथा राजस्थान की दीर्घकालिक जल सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह परियोजना विकसित और आत्मनिर्भर राजस्थान के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।
भजनलाल शर्मा ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बेहतर समन्वय से दशकों से लंबित इस विषय का समाधान संभव हो पाया है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार परियोजना के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रत्येक चरण की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि प्रदेश की जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
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