जयपुर/जैसलमेर: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) की एलडीसी (लिपिक ग्रेड द्वितीय) भर्ती परीक्षा में कथित नकल प्रकरण ने बड़ा मोड़ ले लिया है। 5 जुलाई को जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर हुई परीक्षा में अनियमितता की जांच के बाद केंद्रीय अधीक्षक, दो वीक्षक, एक रिलीवर और एक अभ्यर्थी सहित कुल 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी रिलीवर पदम सिंह और अभ्यर्थी मनु कंवर को डिटेन कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने परीक्षा केंद्र के CCTV फुटेज, दस्तावेजों और संबंधित कर्मचारियों के बयान खंगाले। जांच में सामने आया कि रूम नंबर-10 में तैनात रिलीवर पदम सिंह ने कथित रूप से अभ्यर्थी मनु कंवर से प्रश्नपत्र लिया और उसे करीब 6 से 7 मिनट तक अपने पास रखा। इसके बाद प्रश्नपत्र वापस अभ्यर्थी को सौंप दिया गया। जांच समिति ने इसे परीक्षा की गोपनीयता भंग करने और नकल कराने का गंभीर मामला माना।
जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार बिस्सा की रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाने में एफआईआर संख्या 0136/2026 दर्ज की गई। नामजद आरोपियों में केंद्रीय अधीक्षक उम्मेद सिंह, रिलीवर पदम सिंह, वीक्षक भीम सिंह, वीक्षक जालम सिंह और अभ्यर्थी मनु कंवर शामिल हैं। मामला राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2022 की धारा 3/10 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत दर्ज किया गया है।
बताया जा रहा है कि परीक्षा के दौरान शाम करीब 4 बजे रूम नंबर-10 में नकल की चर्चा शुरू हो गई थी, लेकिन आरोप है कि केंद्र अधीक्षक ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। करीब 5 बजे फ्लाइंग स्क्वॉड के पहुंचने पर अभ्यर्थियों ने पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। परीक्षा समाप्त होने के बाद संबंधित अभ्यर्थियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए।
घटना के अगले दिन सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी गरमा गया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, हरीश चौधरी, सालेह मोहम्मद और गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई नेताओं ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। एनएसयूआई और कांग्रेस ने भी जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेंवतदान चारण को सौंपी गई है। पुलिस, एफएसएल (FSL) टीम और शिक्षा विभाग के अधिकारी परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर तकनीकी साक्ष्य जुटा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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