जयपुर।राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों में हो रही देरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इसे प्रशासनिक विफलता बताया।
गहलोत ने सोशल मीडिया पर कहा कि प्रदेश सरकार के लिए इससे अधिक शर्मनाक स्थिति क्या हो सकती है कि चुनाव में हो रही देरी पर हाईकोर्ट को यह टिप्पणी करनी पड़ी कि यदि निर्वाचन आयोग चुनाव नहीं करा सकता, तो अदालत जज नियुक्त कर चुनाव करा देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा समय पर चुनाव कराने की नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायती राज विभाग को आरक्षण संबंधी जानकारी के लिए कई पत्र लिखे जाने के बावजूद जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। उनके अनुसार, इससे संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उधर, राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को 20 जुलाई तक चुनाव का रोडमैप, ओबीसी आयोग की रिपोर्ट और आरक्षण प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित रहने के लिए भी कहा गया है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.