जयपुर की मशहूर 'चोखी ढाणी' फूड सेफ्टी विभाग के रडार पर, जांच में मिलीं खाद्य सुरक्षा से जुड़ी अनियमितताएं

जयपुर: राजस्थान की पहचान और देश-विदेश के पर्यटकों के बीच लोकप्रिय पर्यटन स्थल चोखी ढाणी इन दिनों फूड सेफ्टी विभाग की कार्रवाई को लेकर चर्चा में है। राज्य सरकार के "शुद्ध आहार–मिलावट पर वार" अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने चोखी ढाणी परिसर का निरीक्षण किया, जिसमें कुछ खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन सामने आए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रसोई में इस्तेमाल किए जा रहे खाद्य तेल की जांच की। जांच में तेल का टोटल पोलर कंपाउंड (TPC) स्तर 31 प्रतिशत पाया गया, जबकि निर्धारित सीमा 25 प्रतिशत है। इसके अलावा, करीब 90 किलो काजू के टुकड़े जब्त किए गए, जिनकी पैकेजिंग पर निर्माण और एक्सपायरी तिथि अंकित नहीं थी। मावा, खाद्य तेल और काजू के नमूनों को राज्य खाद्य प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा गया है।

फिलहाल किसी अंतिम उल्लंघन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। इस बीच, चोखी ढाणी में पर्यटकों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है और संचालन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

चोखी ढाणी जयपुर के टोंक रोड पर स्थित एक प्रसिद्ध 'लिविंग हेरिटेज विलेज' है, जहां पर्यटक पारंपरिक राजस्थानी भोजन, लोक संगीत, कालबेलिया और घूमर नृत्य, कठपुतली शो तथा ग्रामीण संस्कृति का अनुभव करने आते हैं। यही वजह है कि यह स्थान वर्षों से राजस्थान पर्यटन का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है।

Written By

DESK HP NEWS

Hp News

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
मीना पालड़ी में चार भूखंड जोड़कर दुकानों का निर्माण! अवैध निर्माण पर JDA की चुप्पी सवालों के घेरे में | मीना पालड़ी में चार भूखंड जोड़कर दुकानों का निर्माण! अवैध निर्माण पर JDA की चुप्पी सवालों के घेरे में | सूर्या के कत्ल की असली वजह आई सामने, बाइक बनी जानलेवा विवाद का कारण। | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | | | | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! | राजस्थान हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 'आटा-साटा' प्रथा को बताया कानूनी व नैतिक रूप से दिवालिया, कहा- 'बेटी किसी सौदे की कीमत नहीं' | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! |