राजस्थान में बढ़ी EV की रफ्तार, ई-रिक्शा और ई-ऑटो से बढ़ी बिजली खपत

जयपुर। राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती संख्या अब बिजली खपत पर भी असर डाल रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। प्रदेश में ई-रिक्शा और ई-ऑटो जैसे तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहन सबसे ज्यादा बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं।

राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों का है। बढ़ते EV इस्तेमाल के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत भी बढ़ रही है।

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने से बिजली वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव आ सकता है। इसी को देखते हुए प्रदेश में नए EV चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं।

ई-रिक्शा और ई-ऑटो चालक रोजाना चार्जिंग के लिए बिजली का उपयोग करते हैं, जिससे शहरी क्षेत्रों में बिजली की मांग बढ़ रही है। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रदूषण कम करने और ईंधन बचाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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