एक ही घर में डबल खुशी! मां बनीं लेक्चरर, बेटी ने NEET में मारी बाजी

सीकर: राजस्थान के सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के बगड़ियों का बास गांव की मां-बेटी ने एक साथ बड़ी सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बेटी अभिलाषा चौधरी ने NEET-UG 2026 में ऑल इंडिया 1019वीं रैंक हासिल की है, जबकि उनकी मां सुमन चौधरी ने राजस्थान स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा में हिंदी विषय से 113वीं रैंक प्राप्त कर लेक्चरर बनने का सपना पूरा किया।

अभिलाषा ने पिछले वर्ष बेहतर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के उद्देश्य से एक साल और तैयारी करने का फैसला किया। नियमित पढ़ाई, मॉक टेस्ट और अनुशासित दिनचर्या के दम पर उन्होंने इस बार शानदार सफलता हासिल की।

वहीं, सुमन चौधरी ने पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई जारी रखते हुए स्कूल लेक्चरर पद हासिल किया। इससे पहले भी उनका दो बार शिक्षक के रूप में चयन हो चुका है।

शिक्षा को परिवार की सबसे बड़ी ताकत मानने वाले इस परिवार में पिता सरकारी शिक्षक, दादा सेवानिवृत्त शिक्षक और अन्य सदस्य भी शिक्षा व सरकारी सेवा से जुड़े हैं। मां-बेटी की यह सफलता आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है और यह साबित करती है कि मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य से हर सपना पूरा किया जा सकता है।

Written By

DESK HP NEWS

Hp News

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
मीना पालड़ी में चार भूखंड जोड़कर दुकानों का निर्माण! अवैध निर्माण पर JDA की चुप्पी सवालों के घेरे में | मीना पालड़ी में चार भूखंड जोड़कर दुकानों का निर्माण! अवैध निर्माण पर JDA की चुप्पी सवालों के घेरे में | सूर्या के कत्ल की असली वजह आई सामने, बाइक बनी जानलेवा विवाद का कारण। | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | | | | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! | राजस्थान हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 'आटा-साटा' प्रथा को बताया कानूनी व नैतिक रूप से दिवालिया, कहा- 'बेटी किसी सौदे की कीमत नहीं' | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! |