भगवान शिव को समर्पित सावन का पवित्र महीना इस वर्ष 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा। सावन के शुरू होते ही देशभर के मंदिरों, शिवालयों और ज्योतिर्लिंगों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगेगी। लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकलकर पवित्र नदियों से जल लाएंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। पूरे महीने मंदिरों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, भजन-कीर्तन और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। हर ओर "बोल बम", "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयकारों से माहौल भक्तिमय रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि इस दौरान सच्चे मन से शिव की पूजा करने और सोमवार का व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं तथा परिवार में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। इस बार सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं, जिन्हें शिव भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है। इसके अलावा विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए मंगला गौरी व्रत भी रखेंगी।
प्रशासन ने भी सावन को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रमुख शिव मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सावन के पूरे महीने में नाग पंचमी, हरियाली तीज और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख पर्व भी मनाए जाएंगे, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह कई गुना बढ़ जाएगा। ऐसे में एक बार फिर देशभर में शिवभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा और हर ओर भोलेनाथ की आराधना के स्वर गूंजेंगे।
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