राजस्थान सरकार ने बालिकाओं को आर्थिक सहायता देने वाली लाडो प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन में बड़ा बदलाव करते हुए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना के तहत देय द्वितीय एवं आगामी किस्तों का भुगतान स्कूल दर्पण पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाए।
संशोधित एसओपी के अनुसार माध्यमिक शिक्षा विभाग के निजी विद्यालयों में अध्ययनरत पात्र बालिकाओं की योजनागत प्रविष्टि डीईओ (माध्यमिक) द्वारा और प्रारंभिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों की प्रविष्टि जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) द्वारा की जाएगी। नई व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी।
लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत गरीब परिवारों में जन्मी बालिकाओं को जन्म से स्नातक तक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। कुल 1.50 लाख रुपए सात किश्तों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ऑनलाइन हस्तांतरित होंगे। किश्तों का विवरण इस प्रकार है: जन्म पर ₹2,500, 1 वर्ष + पूर्ण टीकाकरण पर ₹2,500, कक्षा 1 में प्रवेश पर ₹4,000, कक्षा 6 में प्रवेश पर ₹5,000, कक्षा 10 में प्रवेश पर ₹11,000, कक्षा 12 में प्रवेश पर ₹25,000 और स्नातक पूरा करने + 21 वर्ष आयु पर ₹1,00,000।
पात्रता और शर्तें: राजस्थान राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है। योजना का लाभ केवल उन्हीं बालिकाओं को मिलता है जिनका जन्म सरकारी या अधिकृत अस्पतालों में हुआ हो। यह सहायता परिवार की प्रथम दो जीवित संतानों तक सीमित है। आवश्यक दस्तावेज: जन आधार कार्ड, आधार कार्ड, बालिका का जन्म प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र और बैंक खाता पासबुक।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के समग्र विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। योजना से बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया जाता है और स्कूल ड्रॉपआउट दर को कम करने में मदद मिलती है।
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