कृषि विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, हर मौत की सटीक वजह नहीं बताई गई, लेकिन सभी घटनाएं खेतों में काम करते समय कीटनाशक संपर्क से हुईं। किशनपोल के विधायक अमीन कागजी ने सरकार से जवाबदेही, सख्त नियम और व्यापक सुरक्षा कार्यक्रम की मांग की।
पिछले दो वर्षों में 5,570 कीटनाशक के नमूने लिए गए, जिनमें से 5,521 का विश्लेषण हुआ। 189 सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल पाए गए। इसके बाद 282 नोटिस जारी किए गए, 14 कोर्ट केस दर्ज किए, 14 लाइसेंस निलंबित किए और 22 लाइसेंस रद्द किए गए। घटिया क्वालिटी वाले नमूनों में श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ सबसे ऊपर (17-17), बीकानेर 13, कोटा 10 और भीलवाड़ा 9 नमूने शामिल थे।
ये आंकड़े कीटनाशकों से जुड़े खतरों की गंभीर तस्वीर पेश करते हैं। ज्यादा केमिकल आधारित खेती, सुरक्षा के अपर्याप्त साधन, जरूरत से ज्यादा छिड़काव और घटिया क्वालिटी के एग्रोकेमिकल्स से खेत जहरीली जगह बन सकते हैं। इसके अलावा मिट्टी की क्वालिटी, पानी, जैव-विविधता और परागण करने वाले कीड़ों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है, जिससे खेती के टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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